राजीव गांधी स्टेडियम में रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन, राहुल गांधी ने कहा-लड़ते रहे, डरे नहीं, सरकार को बेनकाब करें, वीडियो
By राजेंद्र कुमार | Updated: January 20, 2026 17:12 IST2026-01-20T17:11:52+5:302026-01-20T17:12:47+5:30
राहुल गांधी ने आईआईटी कॉलोनी स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया.

photo-lokmat
रायबरेलीः अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है. अपने दौरे के दूसरे दिन राहुल गांधी ने भुएमऊ गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें लड़ते रहना है और डरना नहीं है. केंद्र और प्रदेश सरकार को हमे जनता के बीच बेनकाब करना है. लोगों को बताना है कि ये भाजपा सरकार सरकार धर्म का आडंबर ओढ़े हुए है, जिसे बेनकाब करना आवश्यक है. पार्टी कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने के बाद राहुल गांधी मनरेगा बचाओं चौपाल में हिस्सा लिया.
केंद्र सरकार पर मनरेगा की मूल भावना को कमजोर करने का आरोप लगाया. राहुल ने इस चौपाल में यह संदेश भी दिया कि कांग्रेस देश और प्रदेश में मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार को घेरेगी. किसानों में किसानों और श्रमिकों को एकजुट भाजपा की खिलाफत करने के लिए एकजुट करेगी.
राहुल ने कई विकास योजनाओं का किया उद्घाटन
राहुल गांधी के रायबरेली में कल से आज तक राहुल गांधी को देखने और सुनने के लिए लोगों में बहुत उत्सुकता दिखाई दी. भुएमऊ गेस्ट हाउस के बाहर मंगलवार को हजारों लोग उन्हे देखने के लिए पहुंचे थे. इस गेस्ट हाउस में जब राहुल गांधी पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, तब गेस्ट हाउस के बार खड़े लोग उनकी जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे.
इस गेस्ट हाउस से निकल कर राहुल गांधी ने एक सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे, यहां उन्होने 31 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और आठ नए कार्यों का शिलान्यास भी किया. इन विकास परियोजनाओं से क्षेत्र की जनता को लाभ मिलने की उम्मीद है. इसके बाद राहुल गांधी ने आईआईटी कॉलोनी स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया.
इसके बाद वह टूर्नामेंट का उद्घाटन के बाद वह नगर पालिका चेयरमैन शत्रोहन सोनकर के आवास पर पहुंचे. उन्होंने वहां पालिका अध्यक्ष से स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की. रायबरेली में इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में अहम माना जा रहा है.
मोदी गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं
इसके बाद राहुल गांधी ऊंचाहार के उमरन गांव में आयोजित मनरेगा बचाओ चौपाल में हिस्सा लेने पहुंचे. इस पंचायत में समूचा गांव ही राहुल गांधी को सुनने के लिए पहुंचा हुआ था. यहां राहुल गांधी ने मनरेगा को लेकर विस्तार से अपने मन की बात लोगों को बताई. राहुल ने कहा, हमारी तीन टर्म की सरकार में मनरेगा का जो कांसेप्ट था, उसमें पंचायतों को जिम्मेदारी देने की बात थी.
पंचायतों को फाइनेंसियल रिस्पांसिबिलिटी देने का टारगेट था. मनरेगा दूसरा लक्ष्य था कि हिंदुस्तान के जो गरीब लोग हैं, उनके लिए मिनिमम वेज बने, जिससे कम कहीं भी किसी को वेज न मिले. कांग्रेस की इस सोच को आज बदला जा रहा है. नरेंद्र मोदी यह नहीं चाहते कि पंचायतों को फाइनेंशियल रिस्पांसिबिलिटी मिले. नरेंद्र मोदी पावर को पावर कांसेप्टेड करना चाहते हैं.
वह पावर को अपने हाथों में लेना चाहते हैं और ब्यूरोक्रेसी के हाथों में डालना चाहते हैं. वह गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं. केंद्र सरकार पर यह आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य बात यह नहीं है कि मनरेगा का नाम बदला गया है, लेकिन नाम बदल कर गांधी जी का अपमान जरूर किया गया है. उससे बड़ी बात है कि जो गरीब जनता है,उससे प्रोटेक्शन हटा दिया गया है.
हमारी थर्ड टर्म गर्वमेंट की जो सोच थी, मोदी सरकार में उसकी जड़ को काटा गया है. अब कांग्रेस पूरे देश में मनरेगा को बचाने के लिए संघर्ष करेगी. देश में जो लोग मजदूरी करते हैं उनकी सुरक्षा हो, उन्हे रोजगार मिले, इसका प्रयास करेगी. जबकि नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि देश का पूरा धन अदानी और अंबानी के साथ में चला जाए.
एक तरफ हम जनता की रक्षा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी देश की जनता का पैसा खींच कर अदानी और अंबानी को देने में लगे हैं. इसके साथ ही राहुल गांधी ने ग्रामीण युवाओं को अपनी आवाज बुलंद करने को कहा. उनके इस कथन पर पार्टी नेताओं का कहना है कि पार्टी पंचायत चुनावों में मानरेगा को लेकर आवाज उठाने वाले युवा को चुनाव मैदान में उतारने पर ज़ोर देगी.