नहीं रहीं मोहसिना किदवई, उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र की राजनीति तक, 5 दशकों तक छाई रहने वाली कांग्रेस दिग्गज नेता का निधन
By अंजली चौहान | Updated: April 8, 2026 09:54 IST2026-04-08T09:53:24+5:302026-04-08T09:54:02+5:30
Mohsina Kidwai Death: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और इंदिरा और राजीव गांधी के कार्यकाल में पूर्व केंद्रीय मंत्री रहीं मोहसिना किदवई का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

नहीं रहीं मोहसिना किदवई, उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र की राजनीति तक, 5 दशकों तक छाई रहने वाली कांग्रेस दिग्गज नेता का निधन
Mohsina Kidwai Death: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहसिना किदवई का निधन हो गया। आज 8 अप्रैल को सुबह 4 बजे निधन हो गया। बताया जा रहा है कि आज दोपहर 3:00 बजे उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास से ले जाया जाएगा और शाम करीब 5:00 बजे उन्हें निजामुद्दीन कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
कौन थीं मोहसिना किदवई?
1 जनवरी, 1932 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में जन्मी मोहसिना किदवई ने कम उम्र में ही सार्वजनिक जीवन में कदम रख दिया था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राज्य की राजनीति से की और बाद में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। किदवई कई बार लोकसभा के लिए चुनी गईं; उन्होंने उत्तर प्रदेश की मेरठ सीट का प्रतिनिधित्व किया।
बाद में, उन्होंने 2004 से 2016 तक छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की सदस्य के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर विधायी बहसों और नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
केंद्र की राजनीति में रहीं सक्रिय
अपने लंबे राजनीतिक सफर के दौरान, किदवई ने प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के मंत्रिमंडल में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली, जिनमें शामिल हैं:
🚨 #NewsAlert | Former Union Minister Mohsina Kidwai passed away at 4 am on Wednesday (April 8) in hospital.
— United News of India (@uniindianews) April 8, 2026
📌 The mortal remains of Mohsina Kidwai will be taken out for the final journey from her residence, House No. F-52, Sector-40, Noida at 3:00 pm today.
📌 She will be… pic.twitter.com/OGfmUwyNxs
- ग्रामीण विकास मंत्री
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री
- परिवहन मंत्री
- शहरी विकास मंत्री
कांग्रेस में नेतृत्व की भूमिका
किदवई भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में एक अत्यंत सम्मानित नेता थीं:
उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) में अपनी सेवाएँ दीं; यह पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।
उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के महासचिव का पद भी संभाला। इस भूमिका में उन्होंने पार्टी की रणनीति बनाने, संगठन को मज़बूत करने और युवा नेताओं का मार्गदर्शन करने में अहम भूमिका निभाई।
उनका संस्मरण, "माई लाफ़ इन इंडियन पॉलिटिक्स" (My Life in Indian Politics), दशकों की सार्वजनिक सेवा के दौरान उनके अनुभवों और विचारों को समेटे हुए है।
किदवई का विवाह खलील आर. किदवई से हुआ था और उनकी तीन बेटियाँ हैं।