लाइव न्यूज़ :

यूपी में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती के मामले में योगी सरकार को राहत, हाई कोर्ट ने पलटा सिंगल बेंच का फैसला

By भाषा | Updated: June 12, 2020 14:55 IST

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया को जारी रखने को कहा है। इससे पहले सिंगल बेंच ने इस पर रोक लगा दी थी।

Open in App
ठळक मुद्दे69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक के फैसले को हाई कोर्ट ने पलटा, एक साल से विवादों में है मामलाकोर्ट ने कहा- राज्य सरकार 37,339 पदों के अलावा बाकी के सहायक शिक्षकों के पदों को भर सकती है

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया रोकने के एकल पीठ के तीन जून के आदेश पर शुक्रवार को रोक लगा दी । उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पी के जायसवाल और न्यायमूर्ति डी के सिंह की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार उच्चतम न्यायालय के नौ जून के आदेश को ध्यान में रखते हुये भर्ती प्रक्रिया जारी रखने के लिए स्वतंत्र है जिसके माध्यम से करीब 37 हजार पद शिक्षा मित्रों के लिए रखे गये हैं।

पिछले करीब एक साल से विवादों में रहे इस भर्ती मामले में ये फैसला यूपी की योगी आदित्यनाथ की सरकार के लिए बड़ी राहत है। पीठ ने कहा, 'राज्य सरकार 37,339 पदों के अलावा बाकी के सहायक शिक्षकों के पदों को भर सकती है। दूसरे शब्द में कहें तो सहायक शिक्षकों के 37,339 पदों को खाली रखना होगा। अन्य पद भरे जा सकते हैं।' 

पिछले हफ्ते सिंगल बेंच ने लगाई थी रोक

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने तीन जून को प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा था कि सरकार द्वारा गत 8 मई को परीक्षा परिणाम घोषित करने संबधी अधिसूचना पर रोक लगायी जाती है।

उधर दिल्ली में नौ जून को उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को सहायक बेसिक शिक्षकों के सभी 69,000 पदों को नहीं भरने और 37,339 ऐसे पदों को रिक्त रखने को कहा था जिस पर अभी शिक्षा मित्र काम कर रहे हैं।

शीर्ष न्यायालय ने कहा था कि उसने 21 मई को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि सहायक शिक्षक पद पर काम कर रहे सभी शिक्षा मित्रों की सेवा में व्यवधान नहीं डाला जाएगा ।

सहायक शिक्षकों की भर्ती करने वाले उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकरण ने इससे पहले अदालत में तीन अपीलें दाखिल की थीं और चयन पर तीन जून के अंतरिम स्थगन को चुनौती दी थी। प्राधिकरण ने दलील दी थी कि केवल 31 अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर जारी एकल पीठ का आदेश कानूनी तौर पर विचारणीय नहीं है जिसमें सफल उम्मीदवारों को सुनवाई में पक्ष रखने का कोई अवसर नहीं दिया गया।

न्यायमूर्ति आलोक माथुर की एकल पीठ ने आदेश पारित किया था । अदालत ने पाया था कि आठ मई को जो परीक्षा परिणाम घोषित किया गया था उसमें कुछ प्रश्नों एवं उनके उत्तर में भ्रम की स्थिति थी लिहाजा न्याय हित में अदालत ने सही हल जानने के लिए मामला यूजीसी को भेजने का आदेश दिया था।

असफल अभ्यर्थियों ने एकल पीठ से प्राधिकरण को यह निर्देश देने की गुहार लगाई थी कि उन्हें उन कई प्रश्नों के लिए सामान्य अंक दिये जाएं जिन्हें अदालत ने भी बाद में भ्रामक बताया है ताकि उन्हें कट-ऑफ अंक मिल सकें। प्राधिकरण की ओर से राज्य के महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने दलील दी थी कि अदालत को याचिकाओं पर विचार करने का कोई अधिकार नहीं है।

टॅग्स :उत्तर प्रदेशइलाहाबादहाई कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

क्राइम अलर्टरिजवान अहमद को दिल्ली पुलिस ने उठाया?, मोबाइल, लैपटॉप की जांच, 2017 मुंबई बम विस्फोट को लेकर कार्रवाई

ज़रा हटकेVIRAL: बुलडोजर पर सवार होकर पहुंची विधायक, वायरल हुआ अनोखा अंदाज

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

ज़रा हटकेVIDEO: फर्रुखाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा, Thar से दबकर बुजुर्ग महिला की मौत

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया