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गृहमंत्री शाह ने कहा- कश्मीर के बारे में आज भी गलत फहमियां फैली हुई हैं, अनुच्छेद 370 के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिया बलिदान

By रामदीप मिश्रा | Updated: September 29, 2019 13:28 IST

अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल की ही दृढ़ता का परिणाम था कि 630 रियासतें आज एक देश के रूप में दुनिया के अंदर अस्तित्व रखती है। 630 रियासतों को एक करने में कोई दिक्कत नहीं आई लेकिन जम्मू-कश्मीर को अटूटरूप से अखंड रूप से एक करने में 5 अगस्त, 2019 तक का समय लग गया। 

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ठळक मुद्देदिल्ली में रविवार को गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत सारी भ्रांतियां और गलत फहमियां अनुच्छेद 370 और कश्मीर के बारे में आज भी फैली हुई हैं, उनका स्पष्ट होना जरूरी है।जितना स्पष्ट कश्मीर की जनता के सामने होना जरूरी है उतना स्पष्ट भारत की जनता में भी होना जरूरी है।

दिल्ली में रविवार को गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत सारी भ्रांतियां और गलत फहमियां अनुच्छेद 370 और कश्मीर के बारे में आज भी फैली हुई हैं, उनका स्पष्ट होना जरूरी है। जितना स्पष्ट कश्मीर की जनता के सामने होना जरूरी है उतना स्पष्ट भारत की जनता में भी होना जरूरी है।

उन्होंने ने कहा कि सबसे पहले जब देश आजाद होता है तो उसके सामने सुरक्षा का प्रश्न, संविधान बनाने का प्रश्न ऐसे कई प्रकार के प्रश्न होते हैं। पर हमारे सामने 630 रियासतों को एक करने का प्रश्न आ गया। 630 अलग-अलग राज्य एक खंड के अंदर समाहित करना और अखंड भारत बनाना ये हमारे लिए बहुत बड़ा चुनौती का काम था। आज मैं आदर के साथ देश के प्रथम गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को प्रणाम करके ये बात कहना चाहता हूं कि वो न होते तो ये काम कभी न होता।

अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल की ही दृढ़ता का परिणाम था कि 630 रियासतें आज एक देश के रूप में दुनिया के अंदर अस्तित्व रखती है। 630 रियासतों को एक करने में कोई दिक्कत नहीं आई लेकिन जम्मू-कश्मीर को अटूटरूप से अखंड रूप से एक करने में 5 अगस्त, 2019 तक का समय लग गया। 

उन्होंने कहा कि जो लोग हम पर आरोप लगाते हैं कि ये राजनीतिक स्टैंड है उनको मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ये हमारा स्टैंड तब से है जब से मेरी पार्टी बनी। ये हमारी मान्यता है कि जब अनुच्छेद 370 था, तब देश की एकता और अखंडता के लिए ठीक नहीं था। 

गृहमंत्री ने कहा कि हम सिर्फ बोलते नहीं है हमनें इसके खिलाफ बार-बार आंदोलन किए, जब तक 370 हटी तब तक 11 अलग-अलग आंदोलन हुए जिसमें मास मोबिलाइजेशन भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों ने किया था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ट्रेन के रास्ते जम्मू-कश्मीर गए, उनके पास परमिट नहीं था। वो मानते थे कि मेरे देश में जाने के लिए परमिट की क्या जरूरत है। उनको परमिट नहीं लेने के लिए जेल में डाला गया। श्यामा प्रसाद जी ने अपने जीवन का बलिदान अनुच्छेद 370 हटाने के लिए दिया। 

टॅग्स :अमित शाहभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)आरएसएसजम्मू कश्मीरधारा ३७०
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