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न्यायालय ने कहा- कोविड की स्थिति दिल्ली और गुजरात में बिगडी, केंद्र व राज्य स्थिति रिपोर्ट पेश करें

By भाषा | Updated: November 23, 2020 22:13 IST

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नयी दिल्ली, 23 नवंबर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी की स्थिति दिल्ली में ‘खराब हुयी है’ जबकि गुजरात में यह ‘नियंत्रण से बाहर’ हो गयी है। न्यायालय ने इन टिप्पणियों के साथ ही केन्द और सभी राज्यों को दो दिन के भीतर राष्ट्रव्यापी स्तर पर इस पर काबू पाने के लिय उठाये गये कदमों से उसे अवगत कराने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने देश भर में कोरोना वायरस के मामलों में जबर्दस्त तेजी पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि दिसंबर में हालात और ज्यादा खराब होने की संभावना है। सभी राज्यों को इसका ‘मुकाबला’ करने के लिये तैयार रहना होगा।

पीठ ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि केन्द्र सरकार और सभी राज्यों को स्थिति से निबटने के लिये तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।’’

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘आज से दो दिन के भीतर स्थिति रिपोर्ट पेश की जाये और यह मामला 27 नवंबर, 2020 को आगे विचार तथा उचित आदेश के लिये सूचीबद्ध किया जा रहा है।’’

पीठ ने दिल्ली सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल संजय जैन से कहा, ‘‘दिल्ली में विशेष रूप से नवंबर में हालात खराब हुये हैं। आप स्थिति रिपोर्ट दाखिल करके बतायें कि हालात पर काबू पाने के लिये क्या कदम उठाये जा रहे हैं।’’

पीठ ने कहा, ‘‘ गुजरात में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है।’’ साथ ही पीठ ने इस तथ्य का भी जिक्र किया कि इस महीने में पूरे देश, विशेषकर दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात, में कोविड के मामलों में तेजी से वृद्धि हुयी है।

पीठ ने अपने आदेश में इस तथ्य को भी शामिल किया, ‘‘यह भी कहा गया है कि दिसंबर महीने में हालात और खराब होने की संभावना है और सभी राज्यों को कोविड-19 के संबंध में बदतर स्थिति का मुकाबला करने के लिये तैयार रहना होगा।’’ पीठ ने कहा कि प्राधिकारियों को तत्काल ही जरूरी कदम उठाने हैं।

महाराष्ट्र की ओर से पेश अधिवक्ता राहुल चिटनिस से पीठ ने कहा, ‘‘मामलों में वृद्धि हो रही है। यह अभी नवंबर है। दिसंबर में और खराब स्थिति के लिये तैयार रहें। आपको तत्काल कदम उठाने हैं।’’

शीर्ष अदालत ने कहा कि केन्द्र और राज्यों को हालात पर काबू पाने और कोविड-19 के मामलों की बढ़ती संख्या से निबटने के लिये सभी प्रयास करने होंगे।

न्यायालय ने महामारी के दौरान विवाह कार्यक्रमों सहित समारोहों में बड़ी संख्या में लोगों को शामिल होने की अनुमति देने के लिये गुजरात सरकार को आड़े हाथ लिया और कहा कि वहां मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और दिल्ली तथा महाराष्ट्र के बाद इस राज्य में भी हालात खराब हो गये हैं।

न्यायालय ने महामारी के दौरान सामाजिक कार्यक्रमों की अनुमति के बारे में गुजरात सरकार से उसकी नीति के बारे में जानकारी मांगी और कहा कि प्रदेश में स्थिति ‘नियंत्रण से बाहर हो गयी’ है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार की सुबह उपलब्ध कराये गये आंकड़ों के अनुसार एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 44,059 मामले सामने आने के साथ ही भारत में कोविड-19 मामलों की संख्या 91 लाख का आंकड़ा पार कर गयी है जबकि इससे ठीक होने वालों की संख्या भी 85,62,641 हो गयी है। देश में 511 व्यक्तियों की और मृत्यु होने के साथ ही कोविड-19 से मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 1,33,738 हो गयी है।

दिल्ली में रविवार को 6,746 नये मामले सामने आये जबकि 121 व्यक्तियों की मृत्यु के साथ मृतकों की संख्या 8,391 हो गयी। दिल्ली में कोविड-19 मामलों की संख्या 5,29,863 हो गयी है, जिनमें से 4,81,260 संक्रमित ठीक हो गये हैं।

गुजरात में रविवार को 1,495 नये मामले सामने आने के साथ ही इनकी संख्या बढ़कर 1,97,412 हो गयी जबकि मृतकों की संख्या भी 3,859 तक पहुंच गयी है।

महाराष्ट्र में भी रविवार को कोरोना वायरस के 5,753 नये मामले सामने आये और इस तरह यहां कोविड-19 से प्रभावित व्यक्तियों की संख्या 17,80,208 पहुंच गयी जबकि 50 मरीजों की मृत्यु होने से इससे मृतकों की संख्या 46,623 हो गयी है।

पीठ कोविड-19 के मरीजों का सही तरीके से उपचार करने और मृतकों के शव के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी।

इस मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर गौर किया जिसमें उन्होंने बताया था कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने 15 नवंबर को एक बैठक ली थी तथा राष्ट्रीय राजधानी में हालात से निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने देश में कोविड-19 के मामलों की स्थिति से अवगत कराने के लिये कुछ समय देने का अनुरोध किया।

अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल संजय जैन ने पीठ को सूचित किया कि शीर्ष अदालत के पहले के आदेश के अनुरूप विशेषज्ञों की समिति बनाई गई है तथा दिल्ली सरकार अन्य निर्देशों का भी पालन कर रही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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