राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को बनाया गया RJD का कार्यकारी अध्यक्ष, बहन रोहिणी ने कसा तंज

By एस पी सिन्हा | Updated: January 25, 2026 15:15 IST2026-01-25T15:15:10+5:302026-01-25T15:15:15+5:30

इस प्रस्ताव पर गहन चर्चा के बाद वहां मौजूद सभी डेलीगेट्स और वरिष्ठ नेताओं ने एकमत होकर इसका समर्थन किया। हालांकि तेजस्वी पहले से ही पार्टी के सभी बड़े फैसले ले रहे थे, लेकिन इस नियुक्ति ने अब उनकी ताकत पर आधिकारिक मुहर लगा दी। 

Tejashwi Yadav appointed working president of RJD at national executive meeting | राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को बनाया गया RJD का कार्यकारी अध्यक्ष, बहन रोहिणी ने कसा तंज

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को बनाया गया RJD का कार्यकारी अध्यक्ष, बहन रोहिणी ने कसा तंज

पटना: राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राजद प्रमुख लालू यादव ने ऐलान किया कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव होंगे। पटना में हुई बैठक के दौरान भोला यादव ने तेजस्वी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर गहन चर्चा के बाद वहां मौजूद सभी डेलीगेट्स और वरिष्ठ नेताओं ने एकमत होकर इसका समर्थन किया। हालांकि तेजस्वी पहले से ही पार्टी के सभी बड़े फैसले ले रहे थे, लेकिन इस नियुक्ति ने अब उनकी ताकत पर आधिकारिक मुहर लगा दी। 

अब संगठन से लेकर चुनावी रणनीति तक, कमान पूरी तरह उनके हाथों में होगी। जैसे ही नियुक्ति की घोषणा हुई, पूरा सभागार नारों से गूंज उठा। मंच पर लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती और पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, जिन्होंने इस फैसले का स्वागत किया।
 
इस तरह पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लालू यादव ने अपनी विरासत को पूरी तरह तेजस्वी यादव के कंधों पर डाल दिया है। जानकारों का मानना है कि लालू यादव के गिरते स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र को देखते हुए यह फैसला लंबे समय से अपेक्षित था। अब इस औपचारिक घोषणा के बाद पार्टी की पूरी कमान तकनीकी और व्यावहारिक रूप से तेजस्वी यादव के हाथों में आ गई है। 

कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी अब राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के सभी नीतिगत, रणनीतिक और राजनीतिक निर्णय लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र और सक्षम होंगे। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद राजद की यह पहली सबसे बड़ी बैठक है। इसमें न केवल हार के कारणों पर चर्चा हुई, बल्कि भविष्य की दिशा भी तय की गई। 

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं की पहचान कर ली गई है और उन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। बैठक में पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, सांसद मीसा भारती और संजय यादव समेत राजद के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस बैठक में देश के 27 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भाग लेने के लिए पटना आए हुए थे। 

इनके अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें 200 से अधिक डेलिगेट्स भाग लिया। बाहर से आए नेताओं को होटल मौर्या में ठहराया गया था। वहीं, रघुनाथपुर से विधायक ओसामा शहाब भी राजद कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने पटना के होटल मौर्या पहुंचे थे।

इस बीच, रोहिणी आचार्य ने तंज भरे लहजे में बधाई दी। तेजस्वी यादव को यह जिम्मेदारी दिए जाने पर उनकी बहन रोहिणी आचार्य जमकर भड़क गईं। रोहिणी ने एक्स अकाउंट के जरिए पोस्ट शेयर कर लिखा, ‘सियासत के शिखर-पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप, ठकुरसुहाती करने वालों और “गिरोह-ए-घुसपैठ” को उनके हाथों की “कठपुतली बने शहजादा” की ताजपोशी मुबारक।’ 

वहीं बैठक शुरू होने से पहले आसपास मौजूद लोगों पर तीखा हमला बोला। रोहिणी ने साफ कहा कि जो सही मायनों में ‘लालूवादी’ होगा, वह पार्टी की बदहाली के खिलाफ आवाज उठाएगा, न कि चुप्पी साधेगा। रोहिणी आचार्य ने पार्टी की स्थिति को ‘बदहाल’ और ‘चिंताजनक’ बताते हुए कहा कि अब असली कमान ऐसे लोगों के हाथ में चली गई है जो ‘घुसपैठिए’ और ‘साजिशकर्ता’ हैं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हें विरोधी ताकतों ने खास मकसद से भेजा है, ताकि लालू प्रसाद की विचारधारा यानी ‘लालूवाद’ को कमजोर किया जा सके। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर वही लोग हावी हो रहे हैं, जिन्हें न तो आंदोलन की समझ है और न ही संघर्ष की विरासत का सम्मान। रोहिणी आचार्य ने कहा कि सवालों से भागना और भ्रम फैलाना किसी भी मजबूत नेतृत्व की पहचान नहीं हो सकती। उनका इशारा साफ तौर पर तेजस्वी यादव की ओर माना जा रहा है। 

रोहिणी ने लिखा कि अगर नेतृत्व चुप्पी साधे रहता है, तो यह मान लिया जाएगा कि वह साजिश करने वालों के साथ खड़ा है। उनके मुताबिक, जो लोग लालूवाद की बात करते हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पार्टी की मूल सोच के खिलाफ है। 

ऐसे में रोहिणी का बयान पार्टी के भीतर गहरी होती दरार को उजागर करता है। उनका इशारा उन चेहरों की ओर है जो तेजस्वी यादव के कोर ग्रुप का हिस्सा माने जाते हैं और जिन पर पुराने लालूवादी नेताओं को किनारे करने का आरोप लगता रहा है। ऐसे में यह बयान सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है।

सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं पर कार्रवाई को लेकर भी गंभीर चर्चा होगी। इस मुद्दे पर सख्त और ठोस फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही संगठन को नए सिरे से खड़ा करने, बड़े फेरबदल और जमीनी स्तर पर मजबूती की रणनीति पर भी मंथन होगा। 

वहीं, विदेश यात्रा से लौटने के बाद तेजस्वी यादव पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। बीते गुरुवार और शुक्रवार को उन्होंने पटना स्थित अपने आवास पर लगातार बैठकें की, जिनमें संगठन विस्तार, राज्य की सियासत और प्रस्तावित बिहार दौरे को लेकर रणनीति बनी। उल्लेखनीय है कि हालिया विधानसभा चुनाव में राजद सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई थी। 

महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा रहे तेजस्वी यादव चुनाव के बाद विदेश यात्रा को लेकर सत्तापक्ष के निशाने पर रहे, लेकिन अब उनकी वापसी के साथ ही राजद में नई सियासी बेचैनी और हलचल साफ दिख रही है।

Web Title: Tejashwi Yadav appointed working president of RJD at national executive meeting

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे