लाइव न्यूज़ :

तमिलनाडुः पेरियार की प्रतिमा तोड़ने के आरोप में सीआरपीएफ जवान गिरफ्तार

By भाषा | Updated: March 21, 2018 16:11 IST

पुदुकोट्टई जिले में प्रमुख नेता पेरियार की एक प्रतिमा के साथ कथित तौर पर तोड़फोड़ करने वाले सीआरपीएफ के एक जवान को गिरफ्तार कर लिया गया है।

Open in App

चेन्नई, 21 मार्च: पुदुकोट्टई जिले में प्रमुख नेता पेरियार की एक प्रतिमा के साथ कथित तौर पर तोड़फोड़ करने वाले सीआरपीएफ के एक जवान को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने आज यह जानकारी दी। राज्य विधानसभा में विपक्षी द्रमुक द्वारा मुद्दा उठाये जाने पर पलानीस्वामी ने कहा कि गिरफ्तार किये गये सीआरपीएफ जवान की पहचान सेंथिल कुमार के रूप में की गयी है जो छत्तीसगढ़ में तैनात था और वह छुट्टी में अपने पैतृक गांव विदुथी आया था। इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

यह भी पढ़ेंः तमिलनाडु: दोबारा तोड़ी गई पेरियार की मूर्ति, गांधी से लेकर नेहरू की प्रतिमाओं के साथ हो चुकी है छेड़छाड़

पुदुकोट्टई जिला पुलिस ने बताया कि कुमार(35) को कल रात विदुथी गांव में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। इलाके से ली गयी सीसीटीवी फुटेज में वह नशे की हालत में प्रतिमा को नुकसान पहुंचाते हुये नजर आ रहा है। पेरियार के नाम से भी जाने जाने वाले ईवी रामास्वामी की प्रतिमा जिले के विदुथी गांव में19 मार्च को टूटी मिली थी। 

यह भी पढ़ेंः लेनिन, पेरियार, मुखर्जी, अंबेडकर के बाद अब तोड़ी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा

मुख्यमंत्री ने नेताओं की प्रतिमाओं की तोड़फोड़ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है और वेल्लोर एवं पुदुकोट्टई जिले में पेरियार की प्रतिमाओं के साथ हाल ही में हुयी तोड़फोड़ की घटनाओं को‘ निंदनीय’ करार दिया। पुदुकोट्टई घटना का हवाला देते हुये उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर पहुंच गये और मामला दायर किया गया। दोषी को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गयी हैं।

पेरियार द्रविड़ राजनीति के जनक माने जाते हैं। वह एक सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। ये दलितों के आदर्श माने जाते हैं। इन्हें दलित चिंतक भी कहा जाता है। इनका जन्म 17 सितंबर 1879 में मद्रासी परिवार में हुआ था। ये राष्ट्रपति महात्मा गांधी से प्रेरित थे। लेनिन 1919 में कांग्रेस में शामिल हुए थे।किन 1925 में उन्होंने इससे इस्तीफा दे दिया था। उनका मानना था कि सरकार ब्राह्मण और उच्च जाति के लोगों का हित साधती है।

टॅग्स :तमिलनाडुचेन्नई
Open in App

संबंधित खबरें

भारततमिलनाडु चुनाव: 8,000 रुपये मूल्य की ‘इल्लैरसी’ कूपन योजना, टीवी, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, मिक्सर, माइक्रोवेव ओवन, इंडक्शन स्टोव खरीदे

पूजा पाठEid ul Fitr 2026 Moon: सबको साथ लेकर चलने का पैगाम देती ईद

क्राइम अलर्टChennai: महिलाओं के पास पेशाब करने पर शराबी की पिटाई, उसे बचाने की कोशिश में दोस्त मारा गया

स्वास्थ्यमूक महामारी बनती किडनी की बीमारियां?, दुनिया में 85 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित?

कारोबारLPG Crisis Impact In India: बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और अन्य शहरों में एलपीजी की भारी कमी, 1000 होटल प्रभावित?, एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में कमी से रेस्तरां?

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया