लाइव न्यूज़ :

Article 370 पर फौरन सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, याचिका पर CJI देंगे आदेश

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 8, 2019 11:03 IST

सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 की समाप्ति पर फौरन सुनवाई से इनकार कर दिया है। वकील मनोहर लाल शर्मा ने याचिका दायर करके आर्टिकल 370 समाप्ति को चुनौती दी थी।

Open in App

सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 की समाप्ति पर फौरन सुनवाई से इनकार कर दिया है। वकील मनोहर लाल शर्मा ने याचिका दायर करके आर्टिकल 370 समाप्ति को चुनौती दी थी। जस्टिस एवी रमन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि मामले को उचित बेंच के समक्ष भेजा जाएगा। इसके लिए सीजेआई आदेश जारी करेंगे।

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने तहसीन पूनावाला की याचिका पर भी फौरन सुनवाई से इनकार कर दिया। इस याचिका में जम्मू-कश्मीर से कर्फ्यू हटाने, फोन लाइन चालू करने, इनंटरने और न्यूज चैनलों पर बैन हटाने की मांक की थी। 

सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने के बाद कथित तौर पर लगाए गए प्रतिबंध और अन्य प्रतिगामी फैसलों के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। कांग्रेस कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने कहा कि उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है और गुरुवार को इस पर शीघ्र सुनवाई के लिये इसका उल्लेख किया।

याचिका में उन्होंने ‘कर्फ्यू/प्रतिबंध’ वापस लेने के साथ ही फोन लाइन, इंटरनेट और समाचार चैनलों को बंद किये जाने जैसे कथित प्रतिगामी कदमों को हटाए जाने की मांग की है। उन्होंने हिरासत में रखे गए पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जैसे दूसरे नेताओं की रिहाई के लिये भी उच्चतम न्यायालय से निर्देश देने की मांग की है।

कांग्रेस कार्यकर्ता ने राज्य की जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिये एक न्यायिक आयोग के गठन की भी मांग की है। उन्होंने दलील दी कि सरकार द्वारा उठाए गए कदम संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत दिये गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।

भाजपा नेतृत्व वाली सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने का प्रस्ताव पेश किया था। उसी दिन यह राज्यसभा में पारित भी हो गया था। लोकसभा ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के प्रस्ताव संबंधी संकल्प भारी बहुमत से मंगलवार को स्वीकृति दी।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरधारा ३७०सुप्रीम कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है