Sukhoi-30 Crash: असम में वायुसेना के फाइटर जेट क्रैश में नागपुर के पायलट की मौत, इलाके में पसरा मातम
By फहीम ख़ान | Updated: March 6, 2026 12:19 IST2026-03-06T11:06:48+5:302026-03-06T12:19:13+5:30
Sukhoi-30 Crash: उन्होंने कहा कि इस मामले में विस्तृत जानकारी रक्षा विभाग के अधिकृत प्रवक्ता के माध्यम से ही जारी की जाएगी.

Sukhoi-30 Crash: असम में वायुसेना के फाइटर जेट क्रैश में नागपुर के पायलट की मौत, इलाके में पसरा मातम
Sukhoi-30 Crash: असम में भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की मौत हो गई. हादसे की खबर सामने आने के बाद वायुसेना में शोक का माहौल है. जानकारी के अनुसार फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर नागपुर के रहने वाले थे. वे महाराष्ट्र एयर स्क्वाड्रन एनसीसी नंबर 2 के एल्युमनी भी रहे हैं. उनके निधन की खबर से नागपुर में भी शोक की लहर है. उनके परिचितों और एनसीसी से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है.
हालांकि रक्षा मंत्रालय या वायुसेना की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की गई है कि पुरवेश दुरागकर नागपुर से ही संबंधित थे. इस संबंध में नागपुर एनसीसी के ग्रुप कमांडर ग्रुप कैप्टन खुशाल व्यास ने बताया कि पुरवेश दुरागकर का संबंध नागपुर से है. उन्होंने कहा कि इस मामले में विस्तृत जानकारी रक्षा विभाग के अधिकृत प्रवक्ता के माध्यम से ही जारी की जाएगी.
Deeply saddened by the tragic crash of the Su-30MKI on a training mission in Karbi Anglong, about 60 km from Jorhat. We mourn the loss of Sqn Ldr Anuj and Flt Lt Purvesh Duragkar, who made the ultimate sacrifice in service to the nation.
— Gaurav Gogoi (@GauravGogoiAsm) March 6, 2026
I extend my deepest condolences to their…
बताया जा रहा है कि दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है. वायुसेना की टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है. वहीं इस हादसे में दो युवा अधिकारियों के निधन पर देशभर में शोक व्यक्त किया जा रहा है.
पुरवेश दुरागकर के बारे में
फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर नागपुर जिले के निवासी थे और भारतीय वायुसेना में अधिकारी के रूप में कार्यरत थे. उन्होंने विदर्भ के भंडारा जिले के शहापुर स्थित डीएसए अकादमी से अपनी पढ़ाई की थी.
पुरवेश दुरागकर ने जुलाई 2017 में एनसीसी जॉइन किया था और वर्ष 2020 में उन्होंने एनसीसी से प्रशिक्षण पूरा किया. वे नागपुर के डॉ. आंबेडकर कॉलेज के छात्र रहे और महाराष्ट्र एयर स्क्वाड्रन से जुड़े थे. एनसीसी में उन्होंने सार्जेंट (सीडीटी एसजीटी) के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी.
वर्ष 2018 में वे ऑल इंडिया वायु सैनिक कैंप (AIVSC) का भी हिस्सा रहे, जो एनसीसी का प्रतिष्ठित प्रशिक्षण शिविर माना जाता है. उनके अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और समर्पण के कारण वे साथियों और अधिकारियों के बीच लोकप्रिय थे.
पुरवेश दुरागकर ने रक्षा सेवाओं में प्रवेश की तैयारी भंडारा जिले के शाहापुर स्थित प्रो. नरेंद्र पालांदुरकर की डिफेंस सर्विसेज अकादमी में की थी. यहीं से उन्होंने डिफेंस प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा किया.