भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर अयोध्या स्थित रामजन्मभूमि का स्वामित्व धार्मिक नेताओं को सौंपने के लिए अध्यादेश लाने की माँग की है। स्वामी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि उन्होंने अगम शास्त्रों में पारंगत धार्मिक विद्वानों को राम मंदिर निर्माण के निर्देश के साथ रामजन्मभूमि सौंपने की माँग की है।
स्वामी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस से प्रभावित वकीलों ने अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि जमीन विवाद को जान बूझकर लटकाए रखा। स्वामी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को संविधान और कानून को अपना हथियार बनाना चाहिए और अध्यादेश लाना चाहिए। सुब्रमण्यम स्वामी ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि रामजन्मभूमि जमीन विवाद में दावेदारों को उनके दावों के अनुरूप क्षतिपूर्ति दी जा सकती है।
रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सर्वोच्च न्यायालय इस मामले की अब रोजाना सुनवाई कर रहा है। अयोध्या में स्थित बाबरी मस्जिद को हिंदुत्ववादी संगठनों ने छह दिसबर 1992 को गिरा दिया था। विभिन्न धार्मिक संगठनों के बीच मस्जिद और मंदिर की जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद है।