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प्रवासी राजस्थानियों और प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी के लिए विशेष तंत्र, गहलोत सरकार कर रही ये प्लान

By भाषा | Updated: April 26, 2020 19:06 IST

आने वाले सभी प्रवासियों की संघन जांच की जाएंगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें पृथक वार्ड, घरों में पृथक-वास, या संस्थानात्मक पृथक वास केंद्रों में भी रखा जा सकता है।

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ठळक मुद्देराज्य में प्रतिदिन 4-5 हजार नमूने जांच के लिए लिये जा रहे हैं। भीलवाड़ा में आईसीएमआर द्वारा टेस्ट की अनुमति मिल चुकी है।

जयपुर: राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने रविवार को कहा कि लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्या में विभिन्न राज्यों में अटके हुए प्रवासी राजस्थानी और प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी के लिये सरकार विशेष तंत्र (मैकेनिज्म) विकसित कर रही है ताकि बिना सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन और परेशानी के उन्हें राजस्थान लाया जा सके। डॉ. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री अधिकारियों के साथ मंत्रणा कर उन्हें सकुशल घर वापस लाने की योजना बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी मदद के लिए अन्य राज्यों में भी विज्ञापन जारी किए गए हैं। आने वाले सभी प्रवासियों की संघन जांच की जाएंगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें पृथक वार्ड, घरों में पृथक-वास, या संस्थानात्मक पृथक वास केंद्रों में भी रखा जा सकता है। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य में प्रतिदिन 4-5 हजार नमूने जांच के लिए लिये जा रहे हैं। यही नहीं सरकार के अथक प्रयासों से जांच की सुविधाओं में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।

भीलवाड़ा में आईसीएमआर द्वारा टेस्ट की अनुमति मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि जयपुर के आरयूएचएस (राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय) में भी आईसीएमआर ने प्रतिदिन 250 जांच करने की अनुमति दे दी है। इसे आगे 1000 तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जयपुर और जोधपुर में टेस्ट की तादाद बढ़ाने के लिए कोबास-8800 मशीन खरीदने का आर्डर दिया जा चुका है। इन मशीनों के आने के बाद प्रतिदिन 3 से 4 हजार जांच अतिरिक्त की जा सकेंगी।

कोरोना को रोकने के लिए प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी जांच बढ़ाने की सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है। शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार के योजनाबद्ध प्रयासों के चलते 14 अप्रैल के बाद कोरोना वायरस संक्रमण दर में भारी गिरावट आई है। यदि संक्रमण की गति पहले जितनी रहती तो संक्रमितों की तादाद 3400 से ज्यादा होती। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टेस्टिंग और सैंपलिंग में कोई कमी नहीं की गई है। डॉ. शर्मा ने बताया कि वर्तमान मे राज्य में 1143 कोरोना वायरस संक्रमित अस्पतालों में भर्ती हैं, इनमें से कुछ लोग ही आईसीयू में है।

उन्होंने बताया कि राज्य में 6.60 लाख लोग घरों में ही पृथक वास में हैं, जबकि 32-33 हजार लोग संस्थानिक पृथक वास केंद्र में रह रहे हैं। चिकित्सा मंत्री ने बताया कि रविवार को दोपहर तक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 2152 तक पहुंच गई ।

उनमें से 518 लोगों की अगली जांच रिपोर्ट संक्रमण सामने नहीं आया और 244 को उपचार के बाद स्वस्थ होने पर घर भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि देश में सर्वाधिक लगभग 83 हजार जांच केवल राजस्थान में ही हुई हैं और इसी से वास्तविकता का भी पता चल रहा है। 

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