विशेष गहन पुनरीक्षणः निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में 12 वरिष्ठ केंद्रीय अधिकारियों को एसआरओ नियुक्त किया, देखिए सूची, किसके पास कौन जिला
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 20, 2026 21:18 IST2026-01-20T21:17:16+5:302026-01-20T21:18:42+5:30
Special Intensive Review: सरकारी ई-मार्केटप्लेस की अतिरिक्त सीईओ को निष्ठा उपाध्याय को शुरूआत में कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में तैनात किया जाएगा और बाद में जिले आवंटित किए जाएंगे।

सांकेतिक फोटो
कोलकाताः निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की निगरानी के लिए 12 वरिष्ठ केंद्रीय अधिकारियों को विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक (एसआरओ) के रूप में नियुक्त किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि एसआईआर की कवायद निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार ही किया जाए।
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव गया प्रसाद को मुर्शिदाबाद जिले का एसआरओ नियुक्त किया गया है, जबकि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव देवेश देवल को पश्चिम मेदिनीपुर का कार्यभार सौंपा गया है। सरकारी ई-मार्केटप्लेस की अतिरिक्त सीईओ को निष्ठा उपाध्याय को शुरूआत में कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में तैनात किया जाएगा और बाद में जिले आवंटित किए जाएंगे।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में संयुक्त सचिव वेंकटेशपति एस को बीरभूम के लिए एसआरओ नियुक्त किया गया है तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव वी किरण गोपाल को उत्तर दिनाजपुर का एसआरओ नियुक्त किया गया है। विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव शशांक मिश्रा को पश्चिम बर्धमान जिले का कार्यभार सौंपा गया है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के संयुक्त सचिव रवि शंकर और गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रसन्ना आर को उत्तर 24 परगना जिले के लिए एसआरओ नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के सचिव राघव लैंगर को दक्षिण दिनाजपुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के संयुक्त सचिव पी बाला किरण को नादिया जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
माय जीओवी के सीईओ नंद कुमारम को हुगली जिले का एसआरओ नियुक्त किया गया है और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव हर्ष मंगला को पूर्वी मेदिनीपुर जिले की जिम्मेदारी दी गई है। निर्वाचन आयोग ने एसआईआर की निगरानी के लिए पहले ही विभिन्न स्तरों पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी थी। ये पर्यवेक्षक जमीनी स्तर पर इस प्रक्रिया के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे ताकि सटीकता, पारदर्शिता और आयोग के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।