आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बोले- हमें दुनिया से धर्मनिरपेक्षता-लोकतंत्र सीखने की जरूरत नहीं, यह हमारे खून में, जानें एनआरसी और सीएए पर क्या कहा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Published: July 21, 2021 04:06 PM2021-07-21T16:06:30+5:302021-07-21T16:08:28+5:30

मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का हिंदू-मुसलमान विभाजन से कोई लेना-देना नहीं है।

RSS chief Mohan Bhagwat said we do not need to learn secularism-democracy from the world it is in our blood | आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बोले- हमें दुनिया से धर्मनिरपेक्षता-लोकतंत्र सीखने की जरूरत नहीं, यह हमारे खून में, जानें एनआरसी और सीएए पर क्या कहा

नागरिकता कानून पड़ोसी देशों में उत्पीड़ित हुए अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करेगा।

Next
Highlightsराजनीतिक हित साधने के लिए इन दोनों मामलों को साम्प्रदायिक रंग दे रहे हैं।नागरिकता कानून के कारण किसी मुसलमान को कोई नुकसान नहीं होगा।एनआरसी के बारे में कहा कि सभी देशों को यह जानने का अधिकार है कि उनके नागरिक कौन हैं।

गुवाहाटीः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमें दुनिया से धर्मनिरपेक्षता-लोकतंत्र सीखने की जरूरत नहीं, यह हमारे खून में हैं। 

असम के दो दिवसीय दौरे पर यहां आए मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का हिंदू-मुसलमान विभाजन से कोई लेना-देना नहीं है और कुछ लोग अपने राजनीतिक हित साधने के लिए इन दोनों मामलों को साम्प्रदायिक रंग दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस नागरिकता कानून के कारण किसी मुसलमान को कोई नुकसान नहीं होगा। भागवत ने ‘सिटिजनशिप डिबेट ओवर एनआरसी एंड सीएए-असम एंड द पॉलिटिक्स ऑफ हिस्ट्री’ (एनआरसी और सीसीएए-असम पर नागरिकता को लेकर बहस और इतिहास की राजनीति) शीर्षक वाली पुस्तक के विमोचन के बाद कहा, ‘‘स्वतंत्रता के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि अल्पसंख्यकों का ध्यान रखा जाएगा और अब तक ऐसा ही किया गया है। हम ऐसा करना जारी रखेंगे। सीएए के कारण किसी मुसलमान को कोई नुकसान नहीं होगा।’’

भागवत ने रेखांकित किया कि नागरिकता कानून पड़ोसी देशों में उत्पीड़ित हुए अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम आपदा के समय इन देशों में बहुसंख्यक समुदायों की भी मदद करते हैं.... इसलिए अगर कुछ ऐसे लोग हैं, जो खतरों और भय के कारण हमारे देश में आना चाहते हैं, तो हमें निश्चित रूप से उनकी मदद करनी होगी।’’

उन्होंने एनआरसी के बारे में कहा कि सभी देशों को यह जानने का अधिकार है कि उनके नागरिक कौन हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह मामला राजनीतिक क्षेत्र में है क्योंकि इसमें सरकार शामिल है... लोगों का एक वर्ग इन दोनों मामलों को सांप्रदायिक रूप देकर राजनीतिक हित साधना चाहता है।’’ 

Web Title: RSS chief Mohan Bhagwat said we do not need to learn secularism-democracy from the world it is in our blood

भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे