लाइव न्यूज़ :

Republic Tv-jan ki baat Exit Poll: 138 सीटें जीत सकता है महागठबंधन, बहुमत से दूर NDA, चिराग पासवान की स्थिति बेहतर

By स्वाति सिंह | Updated: November 7, 2020 19:40 IST

Bihar Elections Exit Polls: बिहार में जारी सियासी लड़ाई अब अपने निर्णायक मुकाम पर पहुंच चुका है। आज तीसरे व अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही लोकतंत्र का ‘महापर्व’ भी थम गया। अब सबकी नजर एग्जिट पोल पर टिकी है..

Open in App
ठळक मुद्देबिहार चुनाव को लेकर रिपब्लिक भारत-जन की बात के एक्जिट पोल में महागठबंधन 138 सीटें जीत सकता है। महागठबंधन के खाते में 118 से 138 सीटें जा सकती हैं।

बिहार चुनाव को लेकर रिपब्लिक भारत-जन की बात के एक्जिट पोल में महागठबंधन 138 सीटें जीत सकता है। सर्वे में एनडीए को 91 से 117 सीटों का अनुमान जताया गया है। महागठबंधन के खाते में 118 से 138 सीटें जा सकती हैं। एलजेपी को 5 से 8 सीट का अनुमान है, अन्य को 3 से 6 सीटें जाने का अनुमान है।

रिपब्लिक भारत और जन की बात के एक्जिट पोल के मुताबिक, बिहार चुनाव में एनडीए से चुनाव लड़ने वाली एलजेपी ने जेडीयू को करीब 25 सीटों पर नुकसान पहुंचाया है। R Bharat और जन की बात के सर्वे में NDA को 37-39 फीसदी वोट, महागठबंधन को 40-43 फीसदी वोट, LJP को 7-9 फीसदी वोट, अन्य को 9-11 फीसदी वोट, HAM को 1.5-2 फीसदी वोट का अनुमान है।10 नवंबर को आएंगे परिणाम 

अब सबकी निगाहें 10 नवंबर को चुनाव परिणाम पर टिक गई हैं। इसबार के चुनाव में एक तरफ जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए तो दूसरी ओर राजद नेता व महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरा तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पद के शुभारंभ के लिए दिन-रात एक किए। अब चुनाव के नतीजे बताएंगे कि जनता नीतीश कुमार को आशीर्वाद देकर ‘अंत भला तो सब भला’ करती है या तेजस्वी को ‘तय’ करती है। बिहार विधानसभा चुनाव में आखिरी चरण की 78 सीटों पर कांटे की टक्कर मानी जा रही है।

ये रहे बिहार विधानसभा चुनाव 2015 के नतीजे 

बता दें कि 2015 के चुनाव में नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव के महागठबंधन ने इस इलाके में जबर्दस्त जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार समीकरण बदल चुके हैं। अंतिम चरण तय करेगा कि किसकी सरकार बनेगी। इस चरण की बाजी किसके हाथ लगेगी। यह तय करने में 18 से 19 साल आयु वाले कुल चार लाख 32 हजार 765 फर्स्ट टाइम वोटर की बहुत बड़ी भूमिका रहेगी।

इसी ताकत के चलते हर पार्टी और उम्मीदवारों की नजर युवाओं और नये मतदाताओं पर टिकी है। इस चुनाव में सभी दलों ने सोशल मीडिया का खूब सहारा लिया। भाजपा पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं पर ज्यादा फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी हर रैली में पुराने मतदाताओं को संबोधित करते यह दोहराते रहे हैं कि ‘नयी पीढ़ी को जरूर बता दीजियेगा कि 15 साल पहले क्या- क्या होता था’।

टॅग्स :बिहार विधान सभा चुनाव 2020आरजेडीजेडीयूतेजस्वी यादवभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)नीतीश कुमार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

भारतबिहार से दिल्ली तक की नई पारी, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, पूरी डिटेल यहां

क्राइम अलर्टबिहार सिपाही भर्ती घोटालाः मुश्किल में पूर्व डीजीपी एसके सिंघल?, ईओयू ने किया जवाब तलब, गंभीर खामियां सामने

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया