PM narendra modi address to nation Live: It is not right to consider 2020 as bad due to challenges | Mann Ki Baat: कोरोना से लेकर लद्दाख तक, डिटेल में पढ़ें पीएम मोदी की कही बातें
पिछले दो मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी देशवासियों से कोरोना संक्रमण पर संवाद कर चुके हैं।

HighlightsPM नरेंद्र मोदी 'मन की बात' में देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं।यह रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 66वां एपिसोड है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (28 जून) को रेडियो पर 'मन की बात' कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं। यह रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 66वां एपिसोड है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, ''मन की बात' में अनेक विषयों पर बात की गई। महामारी पर भी खूब बातें हुईं। लोग चर्चा कर रहे हैं कि आखिर यह साल कब बीतेगा? लोग दोस्तों से कह रहे हैं यह साल अच्छा नहीं है, 2020 शुभ नहीं है।'

पीएम मोदी ने परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि हो सकता है ऐसी बातचीत के कुछ कारण भी हों। हम कहां जानते थे कि कोरोना जैसा संकट आएगा। देश में नित नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। देश के पूर्वी छोर पर तूफान आया। किसान भाई बहन टिड्डी दल के हमले से परेशान हैं। देश में छोटे-छोटे भूकंप आ रहे हैं। इन सब के बीच पड़ोसी जो कर रहे हैं देश उससे भी निपट रहा है।'

PM मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम की प्रमुख बातें-

-अरुणाचल प्रदेश की एक ऐसी ही प्रेरक कहानी, मुझे, मीडिया में पढ़ने को मिली। यहां, सियांग जिले के मिरेम गांव ने वो अनोखा कार्य कर दिखाया, जो समूचे भारत के लिए, एक मिसाल बन गया है

-इस गांव के कई लोग, बाहर रहकर, नौकरी करते हैं। गांव वालों ने देखा कि कोरोना महामारी के समय, ये सभी, अपने गांव की ओर लौट रहे हैं । ऐसे में, गांव वालों ने, पहले से ही गांव के बाहर quarantine का इंतजाम करने का फैसला किया । उन्होंने, आपस में मिलकर, गांव से कुछ ही दूरी पर, 14 अस्थायी झोपड़ियाँ बना दीं, और ये तय किया, कि, जब, गांव वाले लौटकर आएंगे तो उन्हें इन्हीं झोपड़ियों में कुछ दिन quarantine में रखा जाएगा

-वहीँ, दूसरी तरफ, उन्हें अधिक ऋण मिलना भी सुनिश्चित हुआ है, ऐसे, अनेक क्षेत्र हैं जहाँ हमारा देश इन सब संकटों के बीच, ऐतिहासिक निर्णय लेकर, विकास के नये रास्ते खोल रहा है

-अपने कृषि क्षेत्र को देखें, तो, इस सेक्टरमें भी बहुत सारी चीजें दशकों से अनलॉक में फसी थीं। इस सेक्टर को भी अब अनलॉक कर दिया गया है । इससे जहां एक तरफ किसानों को अपनी फसल कहीं पर भी, किसी को भी, बेचने की आजादी मिली है

-अनलॉक के दौर में बहुत सी ऐसी चीजें भी अनलॉक हो रही हैं, जिनमें भारत दशकों से बंधा हुआ था। वर्षों से हमारा माइनिंग सेक्टर लॉकडाउन में था। Commercial Auction को मंजूरी देने के एक निर्णय ने स्थिति को पूरी तरह से बदल दिया है

-कोरोना के संकट काल में देश लॉकडाउन से बाहर निकल आया है। अब हम अनलॉक के दौर में हैं। अनलॉक के इस समय में, दो बातों पर बहुत फोकस करना है - कोरोना को हराना और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, उसे ताकत देना

-लॉकडाउन से ज्यादा सतर्कता हमें अनलॉक के दौरान बरतनी है। इस बात को हमेशा याद रखिए कि अगर आप mask नहीं पहनते हैं, दो गज की दूरी का पालन नहीं करते हैं, या फिर, दूसरी जरुरी सावधानियां नहीं बरतते हैं, तो, आप अपने साथ-साथ दूसरों को भी जोखिम में डाल रहे हैं।

-कोई भी मिशन जन-भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता है। इसीलिए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक नागरिक के तौर पर हम सबका संकल्प, समर्पण और सहयोग बहुत जरूरी है। आप Local खरीदेंगे, Local के लिए Vocal होंगे। ये भी एक तरह से देश की सेवा ही है।

-हमारा हर प्रयास इसी दिशा में होना चाहिए, जिससे, सीमाओं की रक्षा के लिए देश की ताकत बढ़े, देश और अधिक सक्षम बने, देश आत्मनिर्भर बने - यही हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी

-भारत-माता की रक्षा के जिस संकल्प से हमारे जवानों ने बलिदान दिया है, उसी संकल्प को हमें भी जीवन का ध्येय बनाना है, हर देश-वासी को बनाना है।

-बिहार के रहने वाले शहीद कुंदन कुमार के पिताजी के शब्द तो कानों में गूँज रहे हैं। वो कह रहे थे, अपने पोतों को भी, देश की रक्षा के लिए, सेना में भेजूंगा। यही हौंसला हर शहीद के परिवार का है। वास्तव में, इन परिजनों का त्याग पूजनीय है।

-लद्दाख में हमारे जो वीर जवान शहीद हुए हैं, उनके शौर्य को पूरा देश नमन कर रहा है, श्रद्धांजलि दे रहा है। पूरा देश उनका कृतज्ञ है, उनके सामने नत-मस्तक है। इन साथियों के परिवारों की तरह ही, हर भारतीय, इन्हें खोने का दर्द भी अनुभव कर रहा है।

-लद्दाख में भारत की भूमि पर, आँख उठाकर देखने वालों को, करारा जवाब मिला है। भारत, मित्रता निभाना जानता है, तो, आँख-में-आँख डालकर देखना और उचित जवाब देना भी जानता है

-सैकड़ों वर्षों तक अलग-अलग आक्रांताओं ने भारत पर हमला किया, लोगों को लगता था कि भारत की संरचना ही नष्ट हो जाएगी, लेकिन इन संकटों से भारत और भी भव्य होकर सामने आया

-भारत में जहां एक तरफ़ बड़े-बड़े संकट आते गए, वहीं सभी बाधाओं को दूर करते हुए अनेकों-अनेक सृजन भी हुए। नए साहित्य रचे गए, नए अनुसंधान हुए, नए सिद्धांत गड़े गए,यानि संकट के दौरान भी हर क्षेत्र में सृजन की प्रक्रिया जारी रही और हमारी संस्कृति पुष्पित-पल्लवित होती रही

-इसी साल में, देश नये लक्ष्य प्राप्त करेगा, नयी उड़ान भरेगा, नयी ऊँचाइयों को छुएगा। मुझे, पूरा विश्वास, 130 करोड़ देशवासियों की शक्ति पर है, आप सब पर है, इस देश की महान परम्परा है

-भारत ने जिस तरह मुश्किल समय में दुनिया की मदद की, उसने आज शांति और विकास में भारत की भूमिका को और मज़बूत किया है। दुनिया ने भारत की विश्व बंधुत्व की भावना को भी महसूस किया है। अपनी संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा करने के लिए भारत की ताकत और भारत के कमिटमेंट को देखा है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से 28 जून को पीएम के मन का बात सुनने की भी अपील की थी। बीजेपी की तरफ से कहा गया था कि सभी बीजेपी पदाधिकारी और कार्यकता इस बार पीएम के मन की बात प्रमुखता से सुने और इसे लोगों तक पहुंचाए।

बता दें कि पिछले दो मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी देशवासियों से कोरोना संक्रमण पर संवाद कर चुके हैं। इससे पहले 31 मार्च को पीएम मोदी ने कोरोना वायरस के मद्देनजर लोगों को आगाह किया था कि अगर जरूरी ना हो तो घर से बाहर ना निकलें।

Web Title: PM narendra modi address to nation Live: It is not right to consider 2020 as bad due to challenges
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