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CAA पर शिक्षक ने छात्राओं से कहा, स्वीकार करो नहीं तो पाकिस्तान चले जाओ, निलंबित 

By भाषा | Updated: January 17, 2020 20:25 IST

अधिकारियों के अनुसार शिक्षा विभाग के उपनिदेशक द्वारा इस घटना की जांच किए जाने के बाद गुरुवार को हिंदी शिक्षक कलेशन के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस संबंध में एक विद्यार्थी के पिता ने सोशल मीडिया के जरिए शिकायत दर्ज कराई थी। 

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ठळक मुद्देकेरल के कोडुंगल्लूर में एक सरकारी बालिका विद्यालय के एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है।राज्य में 2021 में जनगणना अभियान के पहले चरण के साथ एनपीआर की भी प्रक्रिया शुरू होने वाली थी।

केरल के कोडुंगल्लूर में एक सरकारी बालिका विद्यालय के एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षक ने कथित तौर पर विद्यार्थियों से कहा था कि अगर वे संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं तो उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।

अधिकारियों के अनुसार शिक्षा विभाग के उपनिदेशक द्वारा इस घटना की जांच किए जाने के बाद गुरुवार को हिंदी शिक्षक कलेशन के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस संबंध में एक विद्यार्थी के पिता ने सोशल मीडिया के जरिए शिकायत दर्ज कराई थी।

शिक्षा विभाग के अनुसार जांच के लंबित रहने तक कलेशन को निलंबित किया गया है। उन्होंने एक कक्षा में छात्रों को संबोधित किया और कहा कि यदि वे नए कानून को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं तो उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।

अधिकारियों ने कहा कि कई विद्यार्थियों ने प्रधानाध्यापक से भी शिकायत की थी कि शिक्षक कथित रूप से छात्राओं के साथ अभद्र तरीके से बातें करते हैं। उन्होंने बताया कि अनुशासनात्मक समिति ने आरोपों की जांच की और उसे इसमें तथ्य नजर आया। इसके बाद शिक्षक को निलंबित कर दिया गया।

जनगणना 2021 के साथ एनपीआर का उल्लेख नहीं हो : केरल सरकार

केरल सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि 2021 की जनगणना पर परिपत्र भेजने के दौरान राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का उल्लेख नहीं किया जाए। एक पत्र में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव के आर ज्योतिलाल ने जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि वे व्यक्तिगत तौर पर इसे सुनिश्चित करें क्योंकि पिछले महीने राज्य सरकार ने राज्य में एनपीआर से संबंधित सभी मामलों पर रोक लगा दी थी।

राज्य में 2021 में जनगणना अभियान के पहले चरण के साथ एनपीआर की भी प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। यह पत्र इसलिए जारी किया गया है क्योंकि सरकार के संज्ञान में आया था कि कुछ जनगणना अधिकारी 2021 जनगणना से संबंधित परिपत्र भेजने के दौरान एनपीआर अभियान का उल्लेख कर रहे हैं। 

टॅग्स :केरलनागरिकता संशोधन कानूनकैब प्रोटेस्टपिनाराई विजयनएनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजिका)
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