Normal life affected by the shutdown against the Nagarkita Amendment Bill in Tripura | त्रिपुरा में नागरकिता संशोधन विधेयक के खिलाफ बंद से आम जनजीवन प्रभावित
त्रिपुरा में नागरकिता संशोधन विधेयक के खिलाफ बंद से आम जनजीवन प्रभावित

Highlightsत्रिपुरा स्टेट पार्टी (टीएसपी) ने इस बंद का आह्वान किया था। त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) में यह बंद बुलाया था। इस क्षेत्र का दो तिहाई हिस्सा आदिवासी बहुल है। बंद के दौरान अधिकतर बाजार बंद रहे। सरकारी कार्यालयों, वित्तीय संस्थाओं और बैंकों में उपस्थिति काफी कम रही और

 त्रिपुरा में सोमवार को नागरिकता संशोधन विधेयक वापस लेने और आदिवासी परिषद क्षेत्र को काटकर अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर एक दिन के बंद से आम जन-जीवन आंशिक रूप से प्रभावित रहा। त्रिपुरा स्टेट पार्टी (टीएसपी) ने इस बंद का आह्वान किया था। त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) में यह बंद बुलाया था।

इस क्षेत्र का दो तिहाई हिस्सा आदिवासी बहुल है। बंद के दौरान अधिकतर बाजार बंद रहे। सरकारी कार्यालयों, वित्तीय संस्थाओं और बैंकों में उपस्थिति काफी कम रही और कई इलाकों में स्कूल तथा कॉलेज बंद रहे। कई इलाकों में निजी बसें और ऑटो-रिक्शा भी सड़कों से नदारद रहे। टीएसपी के अध्यक्ष चितरंजन देववर्मा ने दावा किया कि बंद सफल रहा।

उन्होंने कहा, "त्रिपुरा विभाजन का पीड़ित है। विभाजन के बाद उस समय के पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से हजारों लोगों ने त्रिपुरा में प्रवास किया, जिससे स्थानीय आदिवासियों की संख्या कम रह गई। अगर नागरकिता संशोधन विधेयक को संसद से मंजूरी मिल जाती है तो और अधिक लोग वैध रूप से राज्य में बस जाएंगे तथा आदिवासी पूरी तरह से हाशिये पर चले जाएंगे। हम अपनी रक्षा के लिये अलग तिप्रालैंड चाहते हैं।" 

Web Title: Normal life affected by the shutdown against the Nagarkita Amendment Bill in Tripura
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