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मोदी सरकार का किसानों को तोहफा, धान का समर्थन मूल्य 200 रुपए बढ़ाया 

By रामदीप मिश्रा | Updated: July 4, 2018 13:01 IST

मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाकर 1,750 रुपये क्विंटल कर दिया है।

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नई दिल्ली, 04 जुलाईः नरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार को किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि की है। कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की आज हुई  बैठक में खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य को मंजूरी दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाकर 1,750 रुपये क्विंटल कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों से संबंधित समिति ने आज 14 खरीफ फसलों के एमएसपी के प्रस्तावों को स्वीकृत किया। धान (सामान्य किस्म) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाकर 1,750 रुपये प्रति क्विंटल तथा धान (ग्रेड ए) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 160 रुपये बढ़ाकर 1,750 रुपये प्रति क्विंटल कर किया गया है।

इसी तरह कपास (मध्यम आकार का रेशा) का एमएसपी 4,020 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,150 रुपये प्रति क्विंटल और कपास (लंबा रेशा) का एमएसपी 4,320 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,450 रुपये प्रति क्विंटल पर कर दिया गया। अरहर का एमएसपी 5,450 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,675 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग का एमएसपी 5,575 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 6,975 रुपये प्रति क्विंटल और उड़द का एमएसपी 5,400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,600 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। 

विपणन वर्ष 2016-17 की खरीद के आंकड़ों के हिसाब से धान का एमएसपी बढ़ाने से खाद्य छूट पर 11 हजार करोड़ रुपये का बोझ आएगा। धान खरीफ सीजन की मुख्य फसल है। सरकार की ओर से भारतीय खाद्य निगम अनाज की खरीद और वितरण करता है। यह खरीद सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर की जाती है।

इधर, केंद्रीय गृहंमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा है कि अभी तक किसी भी सरकार ने इतना न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया, केवल नरेंद्र मोदी सरकार ऐसी है जिसने ये काम किया है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बधाई के पात्र हैं। साथ ही साथ उन्होंने कहा कि इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की गई थी।वहीं, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के बजट भाषण में घोषणा की थी कि केन्द्र और राज्य सरकारों के साथ परामर्श कर नीति आयोग एक बेहतर प्रणाली स्थापित करेगा जो यह सुनिश्चित करेगा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूरा लाभ मिले। बंपर कृषि उत्पादन के बाद ज्यादातर कृषि उपज के दम घटने से किसानों के असंतोष को देखते हुये कृषि मंत्रालय ने खरीफ फसलों के लिये ऊंचे एमएसपी का प्रस्ताव किया था। सरकार ने इस साल बजट में कहा था कि वह फसलों का एमएसपी लागत का कम से कम डेढ़ गुना करेगी। 2014 के आम चुनाव में बीजेपी का प्रमुख चुनावी वायदा भी था। अधिकतर एमएसपी की घोषणा फसलों की बुवाई से ठीक पहले की जाती है। 

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