12 फरवरी को विलय की घोषणा करने की योजना बना रहे थे अजित दादा?, जयंत पाटिल ने कहा-अतीत को भुलाकर चाचा के साथ फिर से?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 31, 2026 16:03 IST2026-01-31T16:01:54+5:302026-01-31T16:03:22+5:30
शरद पवार द्वारा 1999 में स्थापित राकांपा जुलाई 2023 में अजित पवार के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल होने के बाद दो धड़ों में बंट गई थी।

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मुंबईः राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने शनिवार को कहा कि राकांपा के दिवंगत प्रमुख अजित पवार अपने चाचा शरद पवार के साथ फिर से एकजुट होने के लिए उत्सुक थे और पार्टी के दोनों धड़ों के विलय को संभव बनाने के लिए उन्होंने कई बैठकें की थीं। पाटिल ने ये टिप्पणियां ऐसे समय में कीं , जब राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार ने कुछ देर पहले खुलासा किया कि अजित पवार 12 फरवरी को विलय की घोषणा करने की योजना बना रहे थे, लेकिन उनकी असामयिक मृत्यु से यह प्रक्रिया बाधित हो गई।
पाटिल ने इस्लामपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘वह (अजित पवार) कई बार मेरे घर आए और रात के खाने के दौरान हमने बातचीत की। उन्होंने कहा था कि वह अतीत को भुलाकर अपने चाचा के साथ फिर से एकजुट होना चाहते हैं। हमने जिला परिषद चुनाव साथ लड़ने का 16 जनवरी को फैसला किया था और औपचारिक विलय की घोषणा 12 फरवरी को की जानी थी।’’
राकांपा प्रमुख एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की बुधवार को विमान हादसे में मौत हो गई थी। ‘लियरजेट’ विमान महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार को बारामती हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। पाटिल ने कहा कि अजित पवार ने उन्हें बताया था कि उन्होंने विलय के प्रयासों के बारे में राकांपा नेताओं प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे एवं छगन भुजबल को अवगत करा दिया था।
आश्वासन दिया था कि वे उनके द्वारा लिए जाने वाले फैसले का पालन करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या धड़ों के विलय के बाद अजित पवार महायुति सरकार में बने रहना चाहते थे, राकांपा (शप) नेता ने कहा कि इस मुद्दे के कई पहलू हैं, जिनका वह बाद में खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘वह पहले दोनों धड़ों को एकजुट करने के लिए उत्सुक थे।
हमने इस पर कई बार विस्तार से चर्चा की थी।’’ शरद पवार द्वारा 1999 में स्थापित राकांपा जुलाई 2023 में अजित पवार के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल होने के बाद दो धड़ों में बंट गई थी। उन्हें उस समय उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था।
नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने पर भी वह इस पद पर बने रहे। इससे पहले दिन में शरद पवार ने कहा था कि राकांपा के धड़ों को एकजुट करना अजित पवार की इच्छा थी और वे विलय को लेकर आशान्वित थे।