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तो इसलिए PM मोदी ने आरिफ मोहम्मद को बनाया केरल का राज्यपाल, मलिक की तरह ही हरफनमौला हैं खान

By हरीश गुप्ता | Updated: September 3, 2019 13:33 IST

पीएम मोदी पिछले कुछ समय से चुपचाप केरल पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. उदाहरण के लिए उन्होंने ए. पी. अब्दुल्लाकुट्टी को भाजपा में शामिल करने के लिए कड़ी मेहनत की. प्रमुख मुस्लिम नेता अब्दुल्लाकुट्टी को विकास के गुजरात मॉडल की प्रशंसा करने पर माकपा से निष्कासित कर दिया गया था.

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ठळक मुद्देमोदी ने आरिफ मोहम्मद खान को केरल का राज्यपाल बनाया हैआरिफ सख्त नेता हैं और 68 साल की उम्र में भी वह सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं.

नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से एक दिन पहले नियुक्त पांच राज्यपालों में से आरिफ मोहम्मद खान को केरल भेजना भाजपा के दक्षिण के इस अहम राज्य में बढ़त बनाने की मंशा दर्शाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने उनका चुनाव इसलिए किया क्योंकि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सतपाल मलिक की तरह वह भी सदाबहार हैं.

आरिफ मूलत: कांग्रेस में थे और बाद में जनता दल, बीकेएस और बसपा में शामिल होते हुए अंतत: 2002 में भाजपा में शामिल हो गए. उन्होंने बाद में भाजपा छोड़ दी और लंबे समय से राजनीतिक भूमिका की तलाश कर रहे थे. सतपाल मलिक के साथ भी ऐसा ही हुआ था.

चूंकि मोदी मुस्लिम बहुल राज्य के लिए नेता चाहते थे, इसलिए मलिक को चुना गया. आरिफ ने केंद्र की राजनीति छोड़ दी, लेकिन उन्होंने कभी भी तीन तलाक कानून के लिए अपने मजबूत समर्थन से समझौता नहीं किया. यहां तक कि उन्होंने तत्कालीन राजीव गांधी सरकार को भी छोड़ दिया.

मोदी ने उनमें गुणों को देखा और उनका चयन कर लिया. हालांकि आरिफ राज्यसभा की ओर देख रहे थे, लेकिन मोदी ने उनको केरल का राज्यपाल बना दिया क्योंकि उनकी नजर उस राज्य पर टिकी हुई है. आरिफ सख्त नेता हैं और 68 साल की उम्र में भी वह सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं.

दरअसल, मोदी पिछले कुछ समय से चुपचाप केरल पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. उदाहरण के लिए उन्होंने ए. पी. अब्दुल्लाकुट्टी को भाजपा में शामिल करने के लिए कड़ी मेहनत की. प्रमुख मुस्लिम नेता अब्दुल्लाकुट्टी को विकास के गुजरात मॉडल की प्रशंसा करने पर माकपा से निष्कासित कर दिया गया था. बाद में वह कांग्रेस में शामिल हुए, लेकिन मोदी की तारीफ के कारण वहां से भी हटा दिए गए. जाहिर सी बात है कि अब्दुल्लाकुट्टी को भाजपा में शामिल होने की दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन मोदी की जिद के कारण वह भगवा बस में सवार हो गए.

केरल से प्रतिभा की तलाश :

एपी. अब्दुल्लाकुट्टी जब मानसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से संसद स्थित उनके कार्यालय में मिले, तो मोदी ने उनसे कहा, ''आप मेरी वजह से दो पार्टियों से बाहर निकाले गए इसलिए बेहतर यह है कि आप मेरे साथ रहें. मैंने आपको सेवानिवृत्त होने की अनुमति नहीं दी है.''

उसके कुछ दिनों के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए. प्रधानमंत्री ने केरल से फिल्मी हस्ती सुरेश बाबू को राज्यसभा में लाया है. मोदी को अपने मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए केरल से प्रतिभा की तलाश है. के. जे. अल्फोंस के लोकसभा चुनाव हारने के बाद मंत्रिमंडल में केरल का प्रतिनिधित्व नहीं है.

टॅग्स :नरेंद्र मोदीकेरलभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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