Major changes in school education: NCERT will introduce new syllabus, books and learning income model from class 1 to class 12 by March 2021 | देश की स्कूली शिक्षा में बड़े बदलाव के निर्देश: एनसीईआरटी करेगा मार्च 2021 तक नया पाठ्यक्रम, किताबें और कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक का लर्निंग आउटकम मॉडल
एमएचआरडी ने एनसीईआरटी को नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Highlightsएमएचआरडी ने एनसीईआरटी को 2020-21 के लिए लर्निंग आउटकम का नया मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।एनसीईआरटी नए पाठ्यक्रम के अनुसार पाठ्यपुस्तकों में बदलाव करेगी।एमएचआरडी के अधिकारी ने बताया कि नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा मार्च 2021 तक बन कर तैयार हो जाएगी।

नई दिल्ली। कोरोना काल में स्कूली शिक्षा वर्चुअल मोड पर चल रही है और स्कूल कब तक खुलेंगे इसे लेकर देश में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को निर्देश दिया है कि वह सत्र 2020-21 के लिए लर्निंग आउटकम का नया मॉडल तैयार करें।

इसके अलावा शिक्षा का नया रोडमैप तैयार करने के लिए स्कूली शिक्षा के लिए नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम (एनसीएफ) पर काम शुरू किया जाए। एनसीईआरटी नए पाठ्यक्रम के अनुसार पाठ्यपुस्तकों में बदलाव करेगी। इसकी अंतरिम रिपोर्ट दिसंबर 2020 तक मंत्रालया को सौंपी जाएगी।

पाठ्यक्रम में कटौती के साथ मानव संसाधन मंत्री ने दिए ये निर्देश

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पारेखरियाल निशंक ने एनसीईआरटी को निर्देश दिए हैं कि पाठ्यक्रम में कटौती करते हुए इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि महत्वपूर्ण पाठ्य सामग्री को ना हटाया जाए और पुस्तकों में ज्ञान वर्धक सामग्री की कमी ना हो। इसके अलावा पाठ्यपुस्तकों में रचनात्मक सोच, जीवन कौशल, भारतीय लोकाचार एवं सभ्यता, कला इत्यादि इसमें शामिल हों।

उन्होंने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि कोरोना संकट काल को जिस प्रकार से अभी तक हमने एक अवसर के रूप में बदला है उसी प्रकार आगे भी हम सब मिलकर भारतीय शिक्षा प्रणाली को एक नया आयाम देंगे।

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पारेखरियाल निशंक ने एनसीईआरटी को निर्देश दिए हैं। (फाइल फोटो)
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पारेखरियाल निशंक ने एनसीईआरटी को निर्देश दिए हैं। (फाइल फोटो)

मार्च 2021 तक बनकर तैयार हो जाएगी पाठ्यक्रम की नई रूपरेखा

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा मार्च 2021 तक बन कर तैयार हो जाएगी और एनसीईआरटी ने पाठ्य पुस्तकों के लेआउट और डिज़ाइन पर काम शुरू दिया है। सभी नई पाठ्य पुस्तकें नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम के हिसाब से होंगी। नए पाठ्यक्रम का रोडमैप आत्म निर्भर भारत के तहत मूलभूत साक्षरता, संख्यात्मकता मिशन और परिणाम आधारित समग्र शिक्षा पर आधारित है।

एनसीईआरटी को लर्निंग आउटकम के लिए दिए सुझाव

-कक्षा 1-5 तक के लिए अक्टूबर 2020 तक और कक्षा 6-12 तक के लिए लर्निंग आउटकम समझाते हुए इन्फोग्राफिक्स/पोस्टर्स/प्रस्तुतियां तैयार करनी है।
-कक्षा 1-5 के अध्यापकों के लिए ऑनलाइन टीचर ट्रेनिंग कोर्स चरणबद्ध तरीके से दिसंबर 2020 तक पूरा किया जाना है और कक्षा 6-12 के अध्यापकों के लिए ट्रेनिंग कोर्स चरणबद्ध तरीके से जून 2021 तक पूरा किया जाना है।
-कक्षा 1-5 तक के छात्रों के लिए चरणबद्ध तरीके से दिसंबर 2020 तक वैकल्पिक शैक्षिक सामग्री तैयार कर ली जाये खासकर उन बच्चों के लिए जिनके पास किसी प्रकार की ऑनलाइन सुविधा नहीं है। इसी तरह कक्षा 6-12 के लिए ये सामग्री चरणबद्ध तरीके से जून 2021 तक तैयार करनी है।
-हर कक्षा के लिए प्रत्येक विषय के लर्निंग आउटकम के मूल्यांकन के लिए कुशलता के दो स्तरों पर कम से कम दस प्रश्न कक्षा 1-5 तक के लिए नवंबर 2020 तक और बाकी कक्षाओं के लिए मार्च 2021 तक बनाने हैं।
-एनसीईआरटी आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत पीएम ई-विद्या के लिए कक्षा 1-12 के लिए स्वयंप्रभा चैनलों (एक कक्षा, एक चैनल) के लिए सामग्री तैयार करेगी और अगस्त 2020 तक सभी चैनल शुरू करेगी।

Web Title: Major changes in school education: NCERT will introduce new syllabus, books and learning income model from class 1 to class 12 by March 2021
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