अजित पवार की जगह पुणे और बीड जिलों का पालक मंत्री बनीं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा?, सीएम फडणवीस ने की घोषणा
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 3, 2026 15:01 IST2026-02-03T14:59:53+5:302026-02-03T15:01:20+5:30
महाराष्ट्र की ‘महायुति’ सरकार में अजित पवार उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री थे। उनकी 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

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मुंबईः महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को पुणे और बीड जिलों का पालक मंत्री नियुक्त किया गया है। आपको बता दें कि इन जिलों की पहले जिम्मेदारी दिवंगत अजित पवार के पास थीं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दिवंगत अध्यक्ष अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार (62) ने शनिवार को मुंबई में एक समारोह में महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुनेत्रा पवार को आबकारी, खेल, अल्पसंख्यक विकास और वक्फ विभाग आवंटित किए हैं। उन्हें वित्त और योजना विभाग नहीं दिए गए, जो उनके दिवंगत पति अजित पवार के पास थे।
Maharashtra Dy CM Sunetra Pawar has been appointed as the guardian minister for the Pune and Beed districts.
— ANI (@ANI) February 3, 2026
राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुकीं सुनेत्रा को राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थीं। महाराष्ट्र की ‘महायुति’ सरकार में अजित पवार उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री थे। उनकी 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। ‘महायुति’ में भाजपा, एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना और राकांपा घटक दल हैं।
सुनेत्रा पवार को वित्त एवं योजना विभाग आवंटित नहीं किया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं इस अहम विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे और अगले महीने बजट पेश करेंगे। सुनेत्रा राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। उनके बारामती विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है, जो उनके पति अजित पवार के निधन से खाली हुई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुनेत्रा पवार को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वह जनता के कल्याण के लिए अथक परिश्रम करेंगी और अपने दिवंगत पति के सपने को आगे बढ़ाएंगी। राजनीतिक परिवार से संबंध रखने वाली और चर्चाओं से दूर रहने वाली सुनेत्रा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने चुनावी करियर की शुरुआत की थी।
उन्होंने पवार परिवार के गृह क्षेत्र बारामती में अपनी ननद और मौजूदा राकांपा (शप) की सांसद सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा था। सुले से हारने के बाद, वह राज्यसभा के लिए चुनी गईं। सुनेत्रा पवार ने शपथ लेने के बाद दिये संदेश में कहा कि वह अपने दिवंगत पति अजित पवार की विरासत और आदर्शों को आगे बढ़ाएंगी।
सुनेत्रा ने कहा कि पति द्वारा कर्तव्य, संघर्ष और जनता के प्रति प्रतिबद्धता को लेकर दी गई सीख उनके लिए मार्गदर्शक का काम करेंगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल सहित अन्य लोग समारोह में उपस्थित थे। सुनेत्रा पवार के छोटे बेटे जय पवार और उनकी पत्नी भी शपथग्रहण समारोह में मौजूद थे।
हालांकि, राकांपा(शप)के अध्यक्ष शरद पवार के परिवार से कोई भी समारोह में उपस्थित नहीं था। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने दिन में सुनेत्रा पवार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना। हालांकि, राकांपा के नेताओं ने पार्टी के राकांपा(शप) से प्रस्तावित विलय को लेकर चुप्पी साध ली है।
शरद पवार ने शनिवार सुबह बारामती में संवाददाताओं से कहा कि उन्हें शपथ ग्रहण समारोह के बारे में समाचारों से पता चला और राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने के सुनेत्रा पवार के फैसले के बारे में उनसे परामर्श नहीं किया गया था। पवार ने कहा कि उनके दिवंगत भतीजे अजित की इच्छा दोनों धड़ों को एकजुट करने की थी, और ‘अब हमारी इच्छा है कि उनकी इच्छा पूरी हो’।
उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी अचानक मृत्यु के कारण इस प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। शरद पवार ने खुलासा किया कि अजित पवार और राकांपा (शप)के नेता जयंत पाटिल विलय की रूपरेखा पर बातचीत कर रहे थे। हालांकि, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे सहित राकांपा के नेताओं ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी।
वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि उन्हें राकांपा के दोनों धड़ों के विलय की उम्मीद नहीं है। गोयल ने कहा कि राकांपा विधायक दल का नेतृत्व सुनेत्रा पवार को सौंप दिया गया है और प्रफुल्ल पटेल को इसका राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि शरद पवार जनता का विश्वास और वोट खो चुके हैं।