गेमचेंजर साबित हो सकती है बायोलॉजिकल ई की स्वदेशी वैक्सीन, कोविड-19 के खिलाफ 90 फीसद प्रभावी, जानिए कितनी होगी कीमत

By अभिषेक पारीक | Published: June 17, 2021 02:12 PM2021-06-17T14:12:06+5:302021-06-17T14:12:06+5:30

कोविड-19 महामारी के खिलाफ देश में निर्मित बायोलॉजिकल ई की वैक्सीन 'गेमचेंजर' साबित हो सकती है। माना जा रहा है कि यह महामारी के खिलाफ 90 फीसद प्रभावी है।

Made in india biological e vaccine could be 90 percent effective | गेमचेंजर साबित हो सकती है बायोलॉजिकल ई की स्वदेशी वैक्सीन, कोविड-19 के खिलाफ 90 फीसद प्रभावी, जानिए कितनी होगी कीमत

प्रतीकात्मक तस्वीर

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Highlightsबायोलॉजिकल ई की कॉर्बेवैक्स वैक्सीन गेमचेंजर साबित हो सकती है। निर्माताओं का दावा है कि वैक्सीन कोविड-19 के खिलाफ 90 फीसद प्रभावी है। स्वदेशी वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल जल्द शुरू होने जा रहा है। 

कोविड-19 महामारी के खिलाफ देश में निर्मित बायोलॉजिकल ई की वैक्सीन 'गेमचेंजर' साबित हो सकती है। माना जा रहा है कि यह महामारी के खिलाफ 90 फीसद प्रभावी है। केंद्र सरकार के कोविड वर्किंग ग्रुप और नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन के चेयरपर्सन डॉ. एनके अरोड़ा ने यह जानकारी दी। 

एक टीवी इंटरव्यू में डॉ. अरोड़ा ने कहा कि यह वैक्सीन नोवावैक्स की तरह होगी और बायोलॉजिकल ई की इस वैक्सीन को कॉर्बेवैक्स नाम दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस स्वदेशी वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल जल्द ही शुरू होने जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि यह अक्टूबर तक उपलब्ध होगी।

250 रुपए हो सकती है कीमत

हैदराबाद स्थित कंपनी बायोलॉजिकल ई कंपनी उस वक्त चर्चा में आई जब केद्र सरकार ने 50 रुपए प्रति खुराक के हिसाब से 30 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया। डॉ. अरोड़ा ने बताया कि दो खुराक के लिए इसकी कीमत 250 रुपए हो सकती है। 

टिटनेस वैक्सीन की सबसे बड़ी निर्माता

कंपनी को उम्मीद है कि वह अगस्त से वैक्सीन की 7.5 से 8 करोड़ खुराक प्रति महीना तैयार कर सकती है। करीब 73 साल पुरानी कंपनी बायोलॉजिकल ई दुनिया की सबसे बड़ी टिटनेस वैक्सीन निर्माता है। 

इस तकनीक पर काम करती है वैक्सीन 

दो या दो से ज्यादा स्रोत के डीएन को मिलाने वाली तकनीक को रिकॉम्बिनेट डीएनए टेक्नोलॉजी के नाम से जाना जाता है। कॉर्बेवैक्स भी इसी तकनीक पर आधारित है। 

कमजोर पड़ रही है दूसरी लहर

भारत में फिलहाल कोरोना वायरस की दूसरी लहर कमजोर पड़ रही है। देश में पिछले 24 घंटों में करीब 67 हजार मामले सामने आए हैं। वहीं 2,330 लोगों की मौत हो गई है। धीरे-धीरे सक्रिय मामलों में भी कमी आ रही है और ये घटकर 8.26 लाख हो गए हैं। बावजूद इसके तीसरी लहर को लेकर कई तरह की आशंकाएं बनी हुई है। जिससे बचने के लिए वैक्सीनेशन को प्रभावी माना जा रहा है। 

Web Title: Made in india biological e vaccine could be 90 percent effective

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