Kashmiri IAS IAS Shah Faesal want to fight 2019 election says but not joining any party now | 2019 लोकसभा चुनाव लड़ना चाह रहे हैं शाह फैसल, बोले- जीतकर खुशी होगी लेकिन अभी नहीं होंगे किसी पार्टी में शामिल
2019 लोकसभा चुनाव लड़ना चाह रहे हैं शाह फैसल, बोले- जीतकर खुशी होगी लेकिन अभी नहीं होंगे किसी पार्टी में शामिल

भारतीय प्रशासनिक सेवा से अपने इस्तीफे की घोषणा के बाद 2010 बैच के आईएएस अधिकारी शाह फैसल ने शुक्रवार को कहा कि वह फिलहाल मुख्य धारा की किसी पार्टी या अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस में शामिल नहीं होंगे, लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने से उन्हें खुशी मिलेगी। 

सिविल सेवा परीक्षा 2009 में टॉपर रहे फैसल ने कहा कि वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की राजनीति की शैली से काफी प्रेरित हुए हैं। लेकिन जम्मू कश्मीर के हालात उन्हें उनकी शैली में राजनीति करने की इजाजत नहीं देंगे। 

उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘फिलहाल, मुख्यधारा की किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की मेरी कोई योजना नहीं है। क्षेत्र में जाने, युवाओं और अहम हितधारकों को जमीनी स्तर पर सुनने तथा फिर फैसला करने की मेरी योजना है।’’ 

उन्होंने अपने इस्तीफे के समय को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘इस्तीफा एक हथियार है, जिसका सिर्फ एक बार इस्तेमाल होना चाहिए और मुझे लगता है कि मैंने इसका सही वक्त पर उपयोग किया। ’’ 

फैसल ने कहा, ‘‘मैं इमरान खान और अरविंद केजरीवाल से काफी प्रेरित हुआ हूं।’’ उन्होंने कहा कि लेकिन हम जानते हैं कि हम एक संघर्ष वाले क्षेत्र में काम कर रहे हैं और हमारा उस जगह पर काम करना बहुत आसान नहीं है। 

उन्होंने कहा, ‘‘यदि राज्य के नौजवान उस तरह का अवसर देते हैं तो मुझे इमरान खान और केजरीवाल की तर्ज पर काम कर खुशी होगी।’’ 

उन्होंने कहा कि वह अगला कदम उठाने से पहले राजनीतिक दलों सहित सभी हित धारकों के साथ परामर्श कर रहे हैं। फैसल ने कहा, ‘‘कश्मीर में हमें एकजुट होने की जरूरत है। हम संकट की स्थिति में हैं। लोगों की कब्रों पर राजनीति करने का यह वक्त नहीं है।’’ 

यह पूछे जाने पर कि क्या वह चुनाव लड़ने जा रहे हैं, फैसल ने कहा, ‘‘आगामी चुनाव लड़ने से मुझे खुशी मिलेगी। मेरा मानना है कि संसद और विधानमंडल अहम स्थान हैं और हमे वहां सही लोगों की जरूरत है।’’ 

अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस में शामिल होने की संभावना के बारे में पूछे जाने उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि वह अपनी विशेषज्ञता का वहां कोई उपयोग नहीं कर पाएंगे। 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं (शासन) प्रणाली का व्यक्ति हूं और मेरे पास अनुभव है तथा मेरी विशेषज्ञता शासन में है... मुझे संस्थाओं में कुछ करने से खुशी मिलेगी, जहां मैं प्रशासक के तौर पर मिले अनुभव का उपयोग कर सकूंगा।’’ उन्होंने कहा कि हुर्रियत उन्हें इस तरह का अवसर नहीं देगा, क्योंकि हुर्रियत चुनावी राजनीति में यकीन नहीं रखता। 

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह मानना गलत है कि कश्मीर समस्या को सुलझाने में हुर्रियत की कोई भूमिका नहीं हो सकती। 

उन्होंने कहा कि ‘‘आजादी’’, आत्मनिर्णय का अधिकार और जनमत संग्रह जैसे शब्दों को मुख्यधारा की राजनीति में वर्जित शब्दों की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। 

फैसल ने कहा कि मुख्यधारा की राजनीति को इस शब्दावली को ठीक से देखना चाहिए और फिर से विचार करना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि शांति कायम करने की उनकी नयी पहल को मौजूदा पार्टियों के एक विकल्प के तौर पर नहीं बल्कि एक पूरक के तौर पर देखा जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर को प्राप्त विशेष दर्जा पर हाल के बरसों में कुछ गंभीर हमले किए गए हैं। 

फैसल ने केंद्र पर कश्मीरी पंडितों की वापसी को प्रोत्साहित करने में नाकाम रहने का भी आरोप लगाया। 

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ बरसों में पीट - पीट कर हत्या करने वाली भीड़ का राष्ट्रवाद बढ़ने के चलते देश में अल्पसंख्क (समुदाय के लोग) राजनीतिक और धार्मिक स्तर पर हाशिये पर चले गए हैं।

उन्होंने कहा कि देश में लोगों के बोलने की स्वतंत्रता पर लगी रोक और चुनाव जीतने के लिए नफरत तथा असहिष्णुता का इस्तेमाल किए जाने की संस्कृति से भी वह दुखी हैं।
 

English summary :
IAS officer Shah Faesal will be happy to contest upcoming Lok Sabha elections 2019. 2010 batch IAS officer Shah Faesal, after resigning from the Indian Administrative Service, Government office, said on Friday that he will not join at any other party or separatist organization Hurriyat Conference, but he will be happy to contest the upcoming Lok Sabha elections 2019.


Web Title: Kashmiri IAS IAS Shah Faesal want to fight 2019 election says but not joining any party now