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India China Clash: 500 से ज्यादा चीनी सैनिक आए थे टेंट के साथ, भारतीय सैनिकों ने दिया मुंहतोड़ जवाब

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: August 31, 2020 13:17 IST

लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद ये दूसरी बार है जब भारत और चीन की सेना आमने-सामने आ गई। मिली जानकारी के अनुसार चीनी सैनिकों ने पैंगांग झील के दक्षिणी किनारे पर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की थी। इसके बाद ताजा झड़प हुई।

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ठळक मुद्देभारत और चीन के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़प की घटनाचीनी सैनिकों ने पैंगांग झील के दक्षिणी किनारे पर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की

जम्‍मू: लददाख सेक्‍टर में चीन सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़पें हुई हैं। ऐसी सूचना है कि दोनों पक्षों के सैनिक घायल भी हुए हैं। यह झड़पें तब हुईं जब चीनी सैनिकों ने पैंगांग झील के दक्षिणी किनारे पर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की और भारतीय जवानों ने उसे रोकने की कोशिश की। 

भारतीय सेना के अनुसार, चीनी सैनिकों को पीछे धकेला जा चुका है। बहरहाल, जवानों के जख्‍मी होने की खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक 500 से ज्यादा चीनी सैनिकों ने पैंगोग झील के पास घुसपैठ करने की कोशिश की। भारतीय जवानों ने जब इसका विरोध किया तो चीनी सैनिक मारपीट पर अमादा हो गए। इस झड़प में भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।

भारत-चीन सैनिकों के बीच 29 और 30 अगस्त की रात झड़प

यह झड़प 29 और 30 अगस्‍त की रात को हुई। रक्षा सूत्र कहते हैं कि दोनों ओर से करीब दो दर्जन जवान जख्‍मी हुए हैं। घटना के बाद भारत ने उस इलाके में जवानों की संख्या को बढ़ा दिया है। वहीं इस झड़प के बाद भी चुशुल में ब्रिगेड कमांडर लेवल की वार्ता जारी है। 

अभी तक की बातचीत में दोनों देश पहले जैसी स्थिति को वापस लाने पर राजी हो गए हैं, लेकिन चीन की ओर से जमीनी स्तर पर अपना वादा नहीं निभाया जा रहा है।

भारतीय सेना ने इस बार खुद एलएसी पर झड़प की जानकारी दी है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी करके बताया कि 29-30 अगस्त को चीन सीमा के पैंगोग के पास चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की जिसे भारतीय जवानों ने बड़ी बहादुरी के साथ नाकाम कर दिया है।

चीन नहीं निभा रहा है अपने वादे को

जानकारी अनुसार ड्रैगन बैठकों में तो शांति की बात करता है, लेकिन हकीकत में ऐसा करना नहीं चाहता है। वह बातचीत में तो पीछे हटने को तैयार हो जाता है, लेकिन धरातल पर अपने वादे को नहीं निभा रहा है। चीन लगातार एलएसी पर सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है, जिसके चलते तनाव बढ़ता ही जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले लद्दाख में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इस झड़प में 45 से ज्यादा चीनी सैनिकों के भी मारे जाने का दावा किया गया था। 1975 के बाद से ऐसा पहली बार हुआ था जब एलएसी पर खून बहा हो।

टॅग्स :लद्दाखचीनभारतीय सेना
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