पटना में हुई नीट छात्रा मौत के मामले में विपक्ष ने पेश किया कार्यस्थगन प्रस्ताव, विधानसभा अध्यक्ष ने किया नामंजूर

By एस पी सिन्हा | Updated: February 3, 2026 16:01 IST2026-02-03T16:01:52+5:302026-02-03T16:01:58+5:30

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि यह मामला सरकार की देखरेख में है, इसलिए इस पर चर्चा नहीं कराई जाएगी।

In the case of the NEET student's death in Patna, the opposition presented an adjournment motion, which the Assembly Speaker rejected | पटना में हुई नीट छात्रा मौत के मामले में विपक्ष ने पेश किया कार्यस्थगन प्रस्ताव, विधानसभा अध्यक्ष ने किया नामंजूर

पटना में हुई नीट छात्रा मौत के मामले में विपक्ष ने पेश किया कार्यस्थगन प्रस्ताव, विधानसभा अध्यक्ष ने किया नामंजूर

पटना:बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में प्रश्नोत्तरकाल खत्म होने के बाद नीट छात्रा की हुई मौर के मामले में कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया गया। यह कार्यस्थगन प्रस्ताव भाकपा-माले विधायक अरुण सिंह और जहानाबाद से राजद विधायक राहुल शर्मा की तरफ से लाया गया था, जिसे विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने अस्वीकार कर दिया, लेकिन उसे सदन में पढ़ने की इजाजत दे दी। राहुल शर्मा ने कार्यस्थगन प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा कि नीट छात्रा हत्याकांड पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। 

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि यह मामला सरकार की देखरेख में है, इसलिए इस पर चर्चा नहीं कराई जाएगी। वहीं, भाकपा- माले विधायक अरुण सिंह ने प्रस्ताव पढ़ते हुए बिहार में बढ़ते अपराध और नीट छात्रा से रेप व संदिग्ध मौत के मामले को उठाया। अरुण सिंह ने सदन को बताया कि सदन को पता है कि जहानाबाद और औरंगाबाद की छात्रा पटना में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थीं, लेकिन हॉस्टल में दोनों लड़कियों के साथ बलात्कार और हत्या जैसी जघन्य घटना हुई है। 

उन्होंने कहा कि ये घटनाएं राज्य में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था तथा पुलिस प्रशासन की गंभीर विफलता को उजागर करती हैं। यह अत्यंत चिंताजनक है कि शुरू से ही पुलिस की कार्यशैली नाकारात्मक रही है। पुलिस पर रेप और हत्या की घटना से इनकार करने और दोषियों को बचाने के गंभीर आरोप लगे हैं। 

उन्होंने कहा कि जन आंदोलन और व्यापक दबाव के कारण सरकार को सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी पड़ी है लेकिन न्याय की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच की अनुशंसा पर्याप्त नहीं है। आवश्यक है कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सीटिंग जज के निगरानी में कराई जाए और न्याय के लिए निश्चित समय सीमा निर्धारित की जाए। 

उन्होंने इस मुद्दे पर सदन में बहस की मांग की, लेकिन अध्यक्ष ने नामंजूर कर दिया। इस मुद्दे पर विधान परिषद के सदस्यों ने भी अपनी आवाज बुलंद की। परिषद की कार्यवाही शुरू होने के पहले विपक्षी सदस्यों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने हाथों ले तख्ती लेकर अपना विरोध जताया जिसमें 'शंभू हॉस्टल और परफेक्ट पीजी हॉस्टल में नीट छात्राओं की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में समयबद्ध कराया जाए' लिखकर प्रदर्शन किया गया।

Web Title: In the case of the NEET student's death in Patna, the opposition presented an adjournment motion, which the Assembly Speaker rejected

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