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राजस्थान में पुलिस थाने में ‘हिरासत में आरोपी की मौत’, थाने के सभी कर्मी लाइनहाजिर

By भाषा | Updated: September 23, 2021 23:15 IST

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कोटा, 23 सितंबर राजस्थान के कोटा जिले में 32 वर्षीय व्यक्ति की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में थाने के सभी कर्मचारियों को बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस भेज दिया गया।

व्यक्ति ने थाने के अंदर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जहां उसे सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने के आरोप में रखा गया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार यह जानकारी दी।

कमल ने कथित रूप से पुलिस थाने के बैरक में बने शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस के मुताबिक 32 वर्षीय कमल लोढ़ा को उसकी मौसी और उसके बेटे रवि की शिकायत पर बुधवार शाम करीब पांच बजे नयापुरा पुलिस स्टेशन लाया गया। लोढ़ा के रिश्तेदारों का आरोप है कि वह नशे की हालत में उपद्रव कर रहा था। हालांकि मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में उसकी जान ली है।

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने पुलिस थाने के अंदर हुई मौत पर मीडिया में आई खबरों का संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास की अध्यक्षता वाली आयोग की एकल पीठ ने आईजी कोटा रेंज और कोटा (सिटी) पुलिस अधीक्षक को एक सप्ताह के भीतर मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया।

एएसपी (सिटी) प्रवीण जैन ने मीडिया को बताया कि इस मामले में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 176 के तहत न्यायिक जांच चल रही है और थाने के पूरे स्टाफ को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। नयापुरा थाने के थाना प्रभारी मुकेश मीणा को निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस उपाधीक्षक भागवत सिंह हिंगद ने कहा कि लोढ़ा को बुधवार शाम करीब पांच बजे नयापुरा पुलिस स्टेशन लाया गया। लोढ़ा के रिश्तेदारों का आरोप है कि वह नशे की हालत में उपद्रव कर रहा था।

सिंह ने कहा कि मस्जिद नयापुरा इलाके के निवासी लोढ़ा के साथ उसकी मां भी थी, जो बाद में कानूनी औपचारिकताओं के लिए उसकी आईडी और फोटो लेने के लिए घर चली गई।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब लोढ़ा की गिरफ्तारी की औपचारिकताएं चल रही थीं, तो उसने पूछा कि क्या वह शौचालय जा सकता है।

हिंगद ने कहा कि उसे थाने के बैरक के भीतर एक शौचालय में ले जाया गया जहां उसने कथित तौर पर शाम करीब सवा सात बजे अपनी कमीज को लोहे की ग्रिल से बांधकर उसमें लटककर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

लोढ़ा के परिवार के सदस्यों ने भाजपा के पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजाल के साथ थाने के बाहर धरना दिया और थाने के कर्मचारियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और 10 लाख रुपये मुआवजे की भी मांग की।

परिजनों ने शव लेने या पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। डीएसपी ने कहा कि उन्हें धरना खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश की जा रही है। कोटा शहर के पुलिस अधीक्षक विकास पाठक स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे।

लोढ़ा के खिलाफ चोरी के चार और अवैध हथियार रखने के पांच मामले दर्ज हैं।

हिंगद ने बताया कि उसके खिलाफ 26 अगस्त को उसी थाने में, नशे की हालत में हंगामा करने का मामला दर्ज किया गया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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