लाइव न्यूज़ :

उच्च न्यायालय ने डीयू के ऑनलाइन ‘ओपन बुक’ परीक्षा मामले में दखल से इनकार किया

By भाषा | Updated: July 5, 2021 15:17 IST

Open in App

नयी दिल्ली, पांच जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के विधि पाठ्यक्रम के मध्यवर्ती सेमेस्टर के लिए ऑनलाइन ‘ओपन बुक’ परीक्षा आयोजित करने के फैसले में हस्तक्षेप करने से सोमवार को इनकार कर दिया और कहा कि वह छात्रों को एक पेशेवर पाठ्यक्रम की परीक्षा की शर्तों को निर्धारित करने की अनुमति नहीं देगा। पिछले साल कोविड-19 के कारण इस परीक्षा का आयोजन नहीं हो सका था।

न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय के द्वितीय और अंतिम वर्ष के छात्रों की चार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा, ‘‘मैं छात्रों को एक पेशेवर पाठ्यक्रम की परीक्षा की शर्तों को निर्धारित करने की अनुमति नहीं दूंगा।’’

अदालत ने विश्वविद्यालय को इसके बजाए असाइनमेंट आधारित परीक्षा आयोजित करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा, ‘‘अदालत विश्वविद्यालय को असाइनमेंट आधारित परीक्षा आयोजित करने के लिए अनिवार्य निर्देश नहीं दे सकता...यह ऐसा मामला है जिस पर विचार करने के लिए विश्वविद्यालय अधिकृत है। विश्वविद्यालय के नीतिगत निर्णय में अदालत द्वारा हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।’’ हालांकि, पीठ ने विश्वविद्यालय से कहा कि परीक्षाओं के परिणाम जल्द से जल्द घोषणा की जाए।

विधि संकाय की डीन प्रोफेसर वंदना ने अदालत को बताया कि परीक्षा जुलाई में ही आयोजित होने की संभावना है और पहले दौर में हिस्सा नहीं ले पाने वाले छात्रों के लिए सितंबर में फिर से परीक्षा इसका आयोजन किया जाएगा।

डीयू की तरफ से पेश वकील सीमा डोलो ने कहा कि जैसा कि ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ की सिफारिश है, परीक्षा का तरीका चाहे ऑनलाइन, ऑफलाइन, मिश्रित या असाइनमेंट आधारित हो, इसे संबंधित संस्थान के विवेक पर छोड़ दिया जाए। अंतिम वर्ष के विधि के छात्र की तरफ से पेश अधिवक्ता सिद्धार्थ सीम ने दलील दी कि पिछले साल के मध्यवर्ती सेमेस्टर दो और चार के लिए ऑनलाइन ‘ओपन बुक’ परीक्षा छात्रों के हित में नहीं है।

अदालत ने प्रोफेसर वंदना के इस आश्वासन को रिकॉर्ड में दर्ज किया कि जहां तक संभव होगा प्रवेश परीक्षाओं की तारीखों को ध्यान में रखकर कार्यक्रम तय किए जाएंगे। पीठ ने कहा कि जो छात्र जुलाई में परीक्षा नहीं दे सकते, वे सितंबर में परीक्षा में बैठ सकते हैं। अदालत ने इसके साथ ही चारों याचिकाओं का निपटारा कर दिया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटSRH vs LSG: टॉप ऑर्डर के ढहने के बाद, हेनरिक क्लासेन और नीतीश रेड्डी ने शतकीय साझेदारी में जड़ी फिफ्टी

क्राइम अलर्टबिहार की राजधानी पटना से सटे खगौल में अपराधियों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर स्वर्ण व्यापारियों से लूटा 16 किग्रा सोना

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

ज़रा हटकेमेरठ के रिटायर्ड जज ने ढोल-नगाड़ों के साथ मनाया बेटी के तलाक़ का जश्न, परिवार ने किया भव्य स्वागत | Video

भारत अधिक खबरें

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

भारत'वे बंगाल को खत्म करना चाहते हैं': ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, चुनावों से पहले किसानों के लिए अलग से बजट का वादा किया

भारतIST की जगह 'महाकाल मानक समय'? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गणना ढांचे पर पुनर्विचार का दिया प्रस्ताव

भारतबिहार से दिल्ली तक की नई पारी, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, पूरी डिटेल यहां

भारतये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है..., राघव चड्ढा ने AAP के खिलाफ किया नया वीडियो जारी