कृपाण और मंगलसूत्र पहन कर दीजिए पेपर?, हरियाणा सरकार ने दी राहत, सिख और विवाहित महिला अभ्यर्थियों को बार-बार होने वाली समस्याओं को किया दूर
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 20, 2026 20:22 IST2026-01-20T20:22:00+5:302026-01-20T20:22:36+5:30
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, परीक्षा में बैठने वाले सिख अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के तहत कृपाण ले जाने की अनुमति होगी।

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चंडीगढ़ः हरियाणा सरकार ने राज्य भर में विभिन्न एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के दौरान सख्त दिशानिर्देशों के तहत अभ्यर्थियों को कृपाण ले जाने और मंगलस्तूर पहनने की मंगलवार को अनुमति दे दी। राज्य सरकार ने सिख और विवाहित महिला अभ्यर्थियों को बार-बार होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए विद्यालयों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, परीक्षा में बैठने वाले सिख अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के तहत कृपाण ले जाने की अनुमति होगी।
कृपाण की कुल लंबाई नौ इंच (22.86 सेमी) से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसमें ब्लेड की लंबाई छह इंच (15.24 सेमी) से अधिक नहीं होनी चाहिए। अधिसूचना के मुताबिक, ऐसे अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी जाती है।
अधिसूचना में बताया गया कि मंगलसूत्र पहनने वाली विवाहित महिला अभ्यर्थियों को भी परीक्षा के दौरान मंगलसूत्र पहनने की अनुमति होगी। उन्हें भी निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। यह निर्णय दिल्ली उच्च न्यायालय और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के आलोक में लिया गया है जिनमें परीक्षाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करते हुए धार्मिक व सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया गया है।
सभी प्रशासनिक सचिवों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि उनके नियंत्रण में आने वाले विभागों, बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों और भर्ती एजेंसियों के प्रमुख आवश्यक निर्देश जारी करें ताकि परीक्षा कर्मचारियों, निरीक्षकों और सुरक्षा कर्मियों को उचित रूप से सूचित किया जा सके।