Gujarat Local Body Election Result 2026: भाजपा 182 और कांग्रेस 25 सीट पर आगे?, गोटा की सभी 4 सीटों पर बीजेपी का कब्जा, जानिए आप हाल
By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 28, 2026 12:19 IST2026-04-28T12:14:57+5:302026-04-28T12:19:00+5:30
Gujarat Local Body Election Result 2026 LIVE: 2021 के चुनावों में कांग्रेस अमराईवाड़ी की चार सीटों में से केवल एक सीट जीतने में कामयाब रही थी, जबकि भाजपा ने बाकी तीन सीटें जीती थीं।

Gujarat Local Body Election Result 2026 LIVE
अहमदाबादः गुजरात में 26 और 27 अप्रैल को चुनाव हुए थे और आज मतगणना जारी है। 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं और 200 से अधिक जिला एवं तालुका पंचायतों में मतदान हुआ था। कांग्रेस ने अमराईवाड़ी सीट गंवा दी है। भाजपा ने अहमदाबाद के अहम वार्डों में जीत हासिल की है। अमराईवाड़ी वार्ड से कांग्रेस के मौजूदा पार्षद जगदीशभाई राठौड़ की स्थानीय निकाय चुनावों में हार के बाद कांग्रेस को अहमदाबाद में बड़ा झटका लगा है। 2021 के चुनावों में कांग्रेस अमराईवाड़ी की चार सीटों में से केवल एक सीट जीतने में कामयाब रही थी, जबकि भाजपा ने बाकी तीन सीटें जीती थीं।
इस बार भाजपा ने वार्ड की सभी चार सीटें जीत ली हैं। पार्टी ने थलतेज, इसनपुर और नवा वडाज जैसे अन्य महत्वपूर्ण वार्डों में भी सभी चार सीटें जीतकर शहर में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। गुजरात नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मजबूत बढ़त हासिल है। भाजपा 182 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस 25 सीटों पर आगे है।
मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के बाद हुए इस पहले चुनाव में शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में थोड़ी अधिक मतदान दर देखी गई, जो ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर भागीदारी को दर्शाती है। अहमदाबाद नगर निगम, सूरत नगर निगम, वडोदरा नगर निगम, राजकोट नगर निगम, भावनगर नगर निगम, जामनगर नगर निगम, जूनागढ़ नगर निगम, गांधीनगर नगर निगम, आनंद नगर निगम, गांधीधाम नगर निगम, मेहसाना नगर निगम, मोरबी नगर निगम, नाडियाड नगर निगम, नवसारी नगर निगम, पोरबंदर-छाया नगर निगम, सुरेंद्रनगर नगर निगम, वापी नगर निगम है।
राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 9,952 सीटों में से 722 सीटों पर बिना किसी मुकाबले के फैसला हो गया, क्योंकि 1,663 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इनमें से कई उम्मीदवारों ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी द्वारा डरा-धमकाकर, वित्तीय प्रलोभन देकर और राजनीतिक पदों का लालच देकर अपना नाम वापस लिया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा कि सभी निर्विरोध जीतें केवल नगरपालिकाओं और नगर पालिकाओं तक ही सीमित थीं। भाजपा पहले ही इन सभी 722 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है।