कौन थे भुवन चंद्र खंडूरी?, देहरादून में निधन
By सतीश कुमार सिंह | Updated: May 19, 2026 13:43 IST2026-05-19T13:38:34+5:302026-05-19T13:43:35+5:30
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को देहरादून के मैक्स अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।

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देहरादूनः भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सेवानिवृत्त मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को देहरादून में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनके परिवार के अनुसार खंडूरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इस खबर की पुष्टि करते हुए उनके बेटे मनीष खंडूरी ने एएनआई को फोन पर बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री का मंगलवार सुबह निधन हो गया। भुवन चंद्र खंडूरी ने 2007 से 2009 और फिर 2011 से 2012 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) May 19, 2026
श्री खंडूरी जी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका… pic.twitter.com/AMd7Famr09
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने 16वीं लोकसभा में गढ़वाल निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी किया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजनीति दोनों के लिए "अपूरणीय क्षति" बताया। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।
खंडूरी जी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका व्यक्तित्व राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा। राजनीतिक जीवन में उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई।
एक जननेता के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए और अपनी सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता से लोगों के हृदय में विशेष स्थान बनाया। उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।