बिहार में हुए मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद जदयू के अंदर नहीं है सबकुछ ठीक, बाहुबली नेता आनंद मोहन बताए जा रहे हैं नाराज
By एस पी सिन्हा | Updated: May 8, 2026 16:29 IST2026-05-08T16:29:48+5:302026-05-08T16:29:48+5:30
बता दें कि आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद शिवहर लोकसभा क्षेत्र से जदयू की सांसद हैं। आनंद मोहन णॆ हाल ही में कहा था कि जदयू कार्यकर्ताओं में मैसेज जाना चाहिए, दलित-पिछड़े-अति पिछड़ों में मैसेज जाना चाहिए की पार्टी का नियंत्रण नीतीश कुमार के हाथों में है।

बिहार में हुए मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद जदयू के अंदर नहीं है सबकुछ ठीक, बाहुबली नेता आनंद मोहन बताए जा रहे हैं नाराज
पटना: बिहार में हुए मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद जदयू के अंदर नाराजगी देखी जा रही है। इसी कडी में पूर्व सांसद एवं बाहुबली नेता आनंद मोहन ने इन दिनों जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान आनंद मोहन ने कहा है कि जदयू में अब कार्यकारी अध्यक्ष की क्या जरूरत है? बता दें कि आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद शिवहर लोकसभा क्षेत्र से जदयू की सांसद हैं। आनंद मोहन णॆ हाल ही में कहा था कि जदयू कार्यकर्ताओं में मैसेज जाना चाहिए, दलित-पिछड़े-अति पिछड़ों में मैसेज जाना चाहिए की पार्टी का नियंत्रण नीतीश कुमार के हाथों में है।
यह संदेश हर हाल में जाना चाहिए कि जो बड़े फैसले हो रहे हैं वह नीतीश कुमार जी के फैसले हैं, किसी और के थोपे गए फैसले नहीं, प्रायोजित फैसले नहीं हैं। नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं हैं, ऐसे में पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष की कोई जरूरत नहीं है। इसबीच सम्राट कैबिनेट का हुए विस्तार में जदयू विधायक डा. श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाकर शिवहर लोकसभा क्षेत्र के लिए मैसेज दे दिया गया। न सिर्फ शिवहर क्षेत्र के लिए मैसेज दिया गया बल्कि आनंद मोहन के बेटे व नबीनगर से विधायक चेतन आनंद को मंत्री पद की रेस से बाहर कर दिया गया।
पहली बार चुनाव लड़कर विधायक बनी डा. श्वेता गुप्ता के मंत्री बनने के बाद आनंद मोहन के परिवार में नाराजगी देखी जाने लगी है। श्वेता गुप्ता को समाज कल्याण विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गई है। श्वेता गुप्ता पेशे से डॉक्टर हैं और वैश्य में (सूंढ़ी) जाति से आती हैं। जदयू अब तक वैश्य कोटे से मंत्री नहीं बनाती थी, एनडीए में वैश्य जाति भाजपा के खाते में है। इस बार नीतीश कुमार की पार्टी ने भी वैश्य जाति के विधायक को मंत्री बनाकर बड़ा मैसेज दिया है। श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाकर जदयू नेतृत्व ने शिवहर लोकसभा सीट के लिए आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद के लिए प्रतिद्वंदी खड़ा कर दिया।
2024 के लोकसभा चुनाव में वैश्य जाति की सीटिंग सांसद रमा देवी(भाजपा) का टिकट काटकर आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद को जदयू का उम्मीदवार बनाया गया था। एनडीए प्रत्याशी के तौर उनकी जीत भी हुई। हालांकि सीटिंग सांसद रमा देवी का टिकट कटने से वैश्य वोटरों में भारी नाराजगी थी। बड़ी मुश्किल लवली आनंद शिवहर के रण में जीत हासिल कर पाई थीं। हालांकि जदयू ने वैश्य जाति से आने वाली शिवहर की विधायक श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाकर बड़ा प्रतिदंद्वी खड़ा कर दिया है।
पार्टी के जानकार बताते हैं कि शिवहर विधायक श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाने के पीछे कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की बड़ी भूमिका है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि जिस तरह से कार्यकारी अध्यक्ष को निशाने पर लिया जा रहा, इसके बाद आनंद मोहन का परिवार संकट में आ गया है। बता दें कि आनंद मोहन हाल के दिनों में जिस तरह से जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष को निशाने पर लिया है।
बताया जाता है कि डा. श्वेता गुप्ता राजनीति में आने से पहले उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में लंबी सेवा दी है। मूल रूप से सीतामढ़ी की रहने वाली श्वेता ने सीतामढ़ी और शिवहर के इलाकों में डॉक्टर के रूप में काम करते हुए अपनी अच्छी खासी पहचान बनाई। राजनीति का सफर शुरू करने से पहले श्वेता गुप्ता स्थानीय लेवल पर भाजपा से जुड़ी थीं। 2025 के विधानसभा चुनाव में जदयू ने उन पर भरोसा जताते हुए शिवहर के टिकट दिया था।
जदयू ने शिवहर सीट से तत्कालीन विधायक चेतन आनंद को औरंगाबाद के नबीनगर भेजकर श्वेता गुप्ता को चुनावी मैदान में उतारा था। श्वेता ने इस भरोसे को कायम रखा और राजद के नवनीत कुमार को 31398 वोटों के भारी अंतर से हराकर अपनी ताकत दिखाई। श्वेता गुप्ता के पास मेडिकल में पोस्ट ग्रेजुएशन(पीजी) की डिग्री है।