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बाढ़ प्रबंधन: कांग्रेस ने कैग की रिपोर्ट का हवाला देकर केरल सरकार की आलोचना की

By भाषा | Updated: November 12, 2021 15:22 IST

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तिरुवनंतपुरम, 12 नवंबर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में केरल सरकार के बाढ़ प्रबंधन में खामियां बताए जाने के एक दिन बाद विपक्षी कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि बांध प्रबंधन में 'दुखद विफलता' ने राज्य में 2018 में बाढ़ के प्रभाव को और गंभीर बना दिया था।

नेता विपक्ष वी डी सतीशन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि जो लोग बांध प्रबंधन की मूल बातें भी नहीं जानते थे, उन लोगों ने बाढ़ की स्थिति को और खराब कर दिया लेकिन वाम सरकार ने जांच कराने के बजाय आरोपियों को बचाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, "सरकार ने विधानसभा में कैग के सवालों के जवाब में स्वीकार किया कि बांध प्रबंधन विफल रहा। हालांकि, इसके विपरीत मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सदन से कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है।"

यह उल्लेख करते हुए कि विधानसभा में उन्होंने इस विषय पर तीन स्थगन प्रस्तावों के लिए नोटिस दिया था, सतीशन ने यह भी आरोप लगाया कि बाढ़ से लोगों के जीवन और संपत्ति को हुए बड़े नुकसान में सरकार की भूमिका थी।

उन्होंने कहा कि समन्वित जलाशय प्रबंधन प्रणाली के बिना सभी बांधों को खोलना बाढ़ के गंभीर प्रभाव का कारण था।

कैग की रिपोर्ट में राज्य की गंभीर वित्तीय स्थिति को लेकर कही गईं बातों का उल्लेख करते हुए सतीशन ने कहा कि ऐसे समय में जब राज्य इतने बड़े कर्ज का सामना कर रहा था, सरकार 1.24 लाख करोड़ रुपये की सिल्वर लाइन परियोजना को लागू करने की कोशिश कर रही थी।

राज्य विधानसभा में बृहस्पतिवार को रखी गई कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में बाढ़ से संबंधित मैदानी क्षेत्रों का अभी तक सीमांकन नहीं हुआ है और बाढ़ संबंधी मैदानी क्षेत्र कानून अभी तक लागू नहीं हुआ है।

कैग की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जब 2018 में दक्षिणी राज्य में बाढ़ ने कहर बरपाया था, तब अधिकारी एहतियाती अलर्ट या चेतावनी जारी करने में विफल रहे थे।

इसने ‘केरल में बाढ़ संबंधी तैयारी और प्रतिक्रिया’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा, "केरल राज्य जल नीति 2008 को राष्ट्रीय जल नीति के अनुसार अद्यतन नहीं किया गया और राज्य में बाढ़ नियंत्रण एवं बाढ़ प्रबंधन के प्रावधानों की कमी थी।"

विधानसभा में रखी गई कैग की वित्त लेखा परीक्षण रिपोर्ट में भी कहा गया है कि राज्य ने मध्यम अवधि की वित्तीय योजना में निर्धारित लक्ष्यों में से कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं किया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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