मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उद्धव ठाकरे के वफादार माने जाने वाले शिवसेना सांसद संजय राउत को दूसरा समन भेजा था, जिसमें उन्हें पात्रा चावल भूमि घोटाला मामले में 1 जुलाई को उनके सामने पेश होने के लिए कहा गया था। ऐसे में अब राउत का कहना है कि वो शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय जाएंगे। राउत को ईडी ने धन शोधन मामले की जांच के संबंध में पूछताछ के लिए मंगलवार को नया समन जारी किया था।
यह मामला मुंबई की एक 'चॉल' के पुनर्विकास में अनियमितता और राउत की पत्नी तथा उनके मित्रों से जुड़े अन्य वित्तीय लेन-देन से संबंधित है। एजेंसी 2018 में दर्ज इस मामले में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत राउत (60) से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज करना चाहती है। राज्यसभा सदस्य राउत को मंगलवार के लिए पहला समन जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने पहले से तय कार्यक्रम और राज्य के रायगढ़ जिले के अलीबाग में एक बैठक में भाग लेने का हवाला देते हुए आगे का समय मांगा था।
वहीं, संजय राउत ने सोमवार को ईडी के समन को उनके राजनीतिक प्रतिद्धंद्वियों के खिलाफ लड़ाई से रोकने के लिए एक "साजिश" करार दिया था। अप्रैल में ईडी ने जांच के तहत राउत की पत्नी वर्षा राउत और उनके दो सहयोगियों की 11.15 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया था। जब्त की गई संपत्तियां संजय राउत के सहयोगी और गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक प्रवीण एम राउत के पास पालघर, सफले (पालघर में शहर) और पड़घा (ठाणे जिले में) के पास जमीन के रूप में हैं।
ईडी ने कहा था कि जब्त की गई संपत्तियों में मुंबई के उपनगर दादर में वर्षा राउत का एक फ्लैट और अलीबाग में किहिम बीच पर आठ भूखंड शामिल हैं, जो संयुक्त रूप से वर्षा राउत और संजय राउत के करीबी सहयोगी सुजीत पाटकर की पत्नी स्वप्ना पाटकर के पास हैं। समझा जाता है कि एजेंसी संजय राउत से प्रवीण राउत और पाटकर के साथ उनके "व्यापार और अन्य संबंधों" के बारे में तथा उनकी पत्नी से जुड़े संपत्ति सौदों के बारे में जानना चाहती है।
ईडी ने प्रवीण राउत को मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा चॉल के पुनर्विकास से संबंधित 1,034 करोड़ रुपये के कथित भूमि घोटाले की जांच में गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने पूर्व में कहा था कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड पात्रा 'चॉल' के पुनर्विकास में शामिल थी जिसमें महाराष्ट्र हाउसिंग एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) से संबंधित 47 एकड़ में 672 किरायेदार रहते थे। एजेंसी ने पिछले साल वर्षा राउत से पीएमसी बैंक मामले और प्रवीण राउत की पत्नी के साथ उनके कथित संबंधों के संबंध में पूछताछ की थी।