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डॉ हर्षवर्धन ने स्वास्थ्यकर्मियों को बताया योद्धा, कहा- कोरोना के मरीज और परिजन उनके काम ने न डालें बाधा

By भाषा | Updated: April 3, 2020 20:07 IST

डॉ हर्षवर्धन ने डाक्टरों, नर्स एवं अन्य चिकित्साकर्मियों के साथ अवांछित व्यवहार और अभद्रता की घटनाओं पर क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में निर्णायक भूमिका निभा रहे चिकित्साकर्मियों के प्रति किसी भी प्रकार की बदसलूकी स्वीकार्य नहीं है।

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ठळक मुद्देजंग में निर्णायक भूमिका निभा रहे चिकित्साकर्मियों के प्रति किसी भी प्रकार की बदसलूकी स्वीकार्य नहीं है। देश में 150 से अधिक कोविड-19 (COVID-19) के रोगी स्वस्थ होकर अपने घरों को लौटे हैं।

नई दिल्ली: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कोरोना (Coronavirus) के संक्रमित एवं संदिग्ध मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्साकर्मियों के साथ बदसलूकी की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए शुक्रवार को मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे चिकित्साकर्मियों के काम में बाधा उत्पन्न न करें।

डॉ हर्षवर्धन ने डाक्टरों, नर्स एवं अन्य चिकित्साकर्मियों के साथ अवांछित व्यवहार और अभद्रता की घटनाओं पर क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में निर्णायक भूमिका निभा रहे चिकित्साकर्मियों के प्रति किसी भी प्रकार की बदसलूकी स्वीकार्य नहीं है। 

उन्होंने एक बयान में कहा कि चिकित्साकर्मी 'कोरोना के खिलाफ वास्तविक योद्धा' हैं और स्वास्थ्यकर्मियों के परिश्रम के कारण ही देश में 150 से अधिक कोविड-19 (COVID-19) के रोगी स्वस्थ होकर अपने घरों को लौटे हैं। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले शुक्रवार को बढ़कर 2,301 हो गए हैं और इससे करीब 56 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस कठिन चुनौती से विपरीत परिस्थितियों में निपटने के जटिल कार्य में जुटे चिकित्साकर्मियों के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाने की लोगों से अपील की।

उन्होंने कहा, 'मरीज और उनके परिजन डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों को निडर होकर बिना किसी रुकावट के उनका काम करने दें। उनके काम में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न करें।' डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी कोरोना के खिलाफ भारात के प्रयासों की सराहना की है, इसका श्रेय स्वास्थ्य कर्मियों को ही जाता है। 

उन्होंने कहा, 'सभी देशवासी डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों के काम में सहायक बनें, उनके काम के वातावरण और सेवा भावना की उनकी प्रतिबद्धता में कमी न आने दें।' डॉ हर्षवर्धन ने कहा, 'चिकित्सा कर्मियों के काम में बाधा उत्पन्न करने से देश में बढ़ रहे कोरोना के मरीजों के उपचार में रुकावट उत्पन्न होगी और हमें कोविड-19 पर वांछित सफलता प्राप्त करने में देरी होगी। ऐसा होने से न केवल मरीजों को कष्ट होगा अपितु देश की अर्थव्यवस्था भी कमजोर होगी।'

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