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दिल्ली सरकार की चिकित्सकीय आक्सीजन उत्पादन संवर्धन नीति अधिसूचित

By भाषा | Updated: August 20, 2021 21:05 IST

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कोविड​​​​-19 की दूसरी लहर के दौरान उत्पन्न संकट जैसी स्थिति या किसी अन्य चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय ऑक्सीजन के उत्पादन में दिल्ली को ‘‘आत्मनिर्भर’’ बनाने को लेकर दिल्ली सरकार की नीति को अधिसूचित कर दिया गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को दी। दिल्ली कैबिनेट ने गत तीन अगस्त को दिल्ली की मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन संवर्धन नीति 2021 को मंजूरी दी थी।19 अगस्त की राजपत्र अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘वायरस के नये 2021 स्वरूप के चलते सामने आये कोविड-19 संकट ने दिल्ली एनसीटी में मेडिकल आधारभूत ढांचा सहित मौजूदा स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव डाला है। चूंकि बड़ी संख्या में कोविड रोगियों को अस्पतालों और घरों में निरंतर ऑक्सीजन आपूर्ति की आवश्यकता होती है। राज्य में नगण्य ऑक्सीजन उत्पादन के साथ अचानक बढ़ी हुई इस मांग ने दिल्ली के बाहर संसाधनों पर निर्भरता बढ़ गई है।’’इसमें कहा गया है, ‘‘चूंकि ऑक्सीजन की जरूरत वाले रोगियों की संख्या बहुत कम समय में बढ़ गई, अस्पतालों को चिकित्सकीय ऑक्सीजन की आपूर्ति पर दबाव काफी बढ़ गया था, जिससे दिल्ली के बाहर से ऑक्सीजन की आवाजाही में उल्लेखनीय विलंब हुआ।’’अधिसूचना में कहा गया है कि हालांकि वर्तमान स्थिति बेहतर है, लेकिन भविष्य में इसी तरह का संकट फिर से आ सकता है और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए बेहतर ढंग से लैस होने की जरूरत है।इसमें कहा गया है, ‘‘यह नीति भविष्य में किसी भी तरह के संकट या चिकित्सा आपात स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली को चिकित्सकीय ऑक्सीजन के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पेश की गई है।’’इसमें कहा गया है कि नीति का उद्देश्य कोविड-19 या किसी अन्य स्वास्थ्य संकट के दौरान अस्पतालों या नर्सिंग होम में निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए या तो नये विनिर्माण उद्यमों की स्थापना करना या दिल्ली में मौजूदा इकाइयों की उत्पादन क्षमता का विस्तार करना है।’’ यह नीति दिल्ली में मेडिकल ऑक्सीजन के भंडारण और परिवहन को सुविधाजनक बनाने का भी प्रयास करती है।दिल्ली की मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन संवर्धन नीति 2021 का उद्देश्य मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन या भंडारण बुनियादी ढांचे में प्रारंभिक निवेश को प्रोत्साहित करके कई लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करना है, जिसमें न्यूनतम 50 मीट्रिक टन से लेकर कुल 100 मीट्रिक टन तक की तरल ऑक्सीजन (एलओएक्स) उत्पादन सुविधाएं स्थापित करना शामिल है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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