लाइव न्यूज़ :

COVID19: 24 जुलाई तक निलंबित रहेगा न्यायिक और प्रशासनिक कार्य, कलकत्ता उच्च न्यायालय का फैसला

By भाषा | Updated: July 18, 2020 20:26 IST

बंगाल में कोविड-19 के कारण बनी हालत के मद्देनजर अदालत में न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य 22 जुलाई तक निलंबित रखने का निर्देश दिया है। इसके बाद 24 जुलाई को भी अदालत में कामकाज नहीं होगा।

Open in App
ठळक मुद्देमहापंजीयक राय चटोपाध्याय ने शनिवार को एक अधिसूचना में यह जानकारी दी। इसमें उन्होंने कहा कि निर्देश के मुताबिक अदालतें बृहस्पतिवार को खुलेंगी।याचिकाकर्ता का अधिवक्ता महापंजीयक को पत्र भेज तत्काल सुनवाई के लिए कारण बताए, जिसके बारे में मुख्य न्यायाधीश को सूचित किया जाएगा।

कोलकाताः कलकता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टीबीएन राधाकृष्णन ने पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के कारण बनी हालत के मद्देनजर अदालत में न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य 22 जुलाई तक निलंबित रखने का निर्देश दिया है। इसके बाद 24 जुलाई को भी अदालत में कामकाज नहीं होगा।

महापंजीयक राय चटोपाध्याय ने शनिवार को एक अधिसूचना में यह जानकारी दी। इसमें उन्होंने कहा कि निर्देश के मुताबिक अदालतें बृहस्पतिवार को खुलेंगी। इसमें कहा गया कि यदि इस अवधि में किसी बेहद आवश्यक मामले पर सुनवाई की जरूरत होती है तो याचिकाकर्ता का अधिवक्ता महापंजीयक को पत्र भेज तत्काल सुनवाई के लिए कारण बताए, जिसके बारे में मुख्य न्यायाधीश को सूचित किया जाएगा।

इसमें कहा गया कि मुख्य न्यायाधीश मामला-दर-मामला फैसला ले सकते हैं। हालांकि अदालत संबंधित न्यायाधीश के आवास पर ही बैठेगी। कोरोना वायरस के कारण कलकत्ता उच्च न्यायालय का न्यायिक और प्रशासनिक कार्य 10 जुलाई से निलंबित है और इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है। 

घबराने की जरूरत नहीं, कोविड-19 की स्थिति नियंत्रण में है: पश्चिम बंगाल सरकार

पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार को कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि राज्य में कोविड-19 की स्थिति नियंत्रण में है। मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते कोलकाता या राज्यभर में पूर्ण लॉकडाउन लगाने की संभावना से इनकार किया।

उन्होंने कहा कि निरूद्ध क्षेत्रों में केवल पाबंदियों को कड़ाई से लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल में स्थिति नियंत्रण में है। मृत्यु दर जो पहले अधिक थी अब कम होकर 2.7 प्रतिशत हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत 2.5 प्रतिशत के बहुत करीब है।’’

सिन्हा ने कहा कि सरकार ने एक हेल्पलाइन की शुरूआत की है जिसके जरिये घरों में पृथक रहने वाले लोग राय और सुझाव ले सकते हैं। राज्य में इस समय 676 निरूद्ध क्षेत्र हैं और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए इन क्षेत्रों में पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। 

टॅग्स :पश्चिम बंगालकोलकाताहाई कोर्टसुप्रीम कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

क्रिकेटमैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना और खाते में 1 डिमेरिट अंक?, आखिर क्यों सनराइजर्स हैदराबाद के उप कप्तान अभिषेक शर्मा पर आईपीएल ने लिया एक्शन

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं