Corona's foreign vaccine decided now be approved in 3 days fight against pandemic easy | कोरोना की विदेशी वैक्सीन को अब 3 दिन में मिलेगी मंजूरी, महामारी के खिलाफ लड़ाई होगी आसान
भारत में वर्तमान में उपचाराधीन मामलों की संख्या 14,71,877 है जो कुल मामलों का 10.46 प्रतिशत है।

Highlightsएक दिन में सामने आए संक्रमण के नए मामलों में से 80.76 प्रतिशत मामले इन्हीं राज्यों से हैं।देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 2,00,739 मामले सामने आए हैं।महाराष्ट्र में महामारी के सर्वाधिक 58,952 मामले सामने आए हैं।

नई दिल्लीः कोरोना महामारी और वैक्सीन किल्लत को देखते हुए पहली बार केंद्र सरकार ने भारत के ड्रग कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) को विदेशी वैक्सीन की मंजूरी को लेकर टाइम बाउंड किया है। केंद्र ने विदेशी वैक्सीन निर्माताओं के आवेदन पर डीजीसीआई को 3 दिन में फैसला लेने को कहा है।

इसे लेकर गुरुवार को निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्र ने हाल ही में रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V को भी मंजूरी दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरूवार को जानकारी दी है कि जो भी विदेशी कंपनी भारत में अपनी कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल भारत में करना चाहती हैं, उन्हें  आपातकालीन मंजूरी के लिए सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) में आवेदन करना होगा।

आवेदन पत्र मिलने के तीन दिन में डीसीजीआई इस पर निर्णय लेगा। फिलहाल तक डीजीसीआई के लिए वैक्सीन निर्माताओं को अनुमति देनी की कोई टाइम बाउंडिंग नहीं थी। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के विस्तृत दिशा-निर्देश में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने यूएस एफडीए, ईएमए, यूके एमएचआरए, पीएमडीए जापान द्वारा मंजूरी या डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 टीकों की आपातकाल अनुमति के लिए सूचिबद्ध वैक्सीन को इस्तेमाल की जल्द मंजूरी देने का फैसला किया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 13 अप्रैल की प्रेसवार्ता में इसका जिक्र भी किया था। विदेशी वैक्सीन के इस्तेमाल पर इस निर्णय से भारत में विदेशी टीकों की पहुंच आसान और जल्द हो सकेगी। थोक में दवा सामग्री को लेकर आयात तथा टीका निर्माण क्षमता को प्रोत्साहन मिलेगा और देश के भीतर टीके की उपलब्धता बढ़ेगी। विदेशी वैक्सीन को आवेदन के बाद सीडीएससीओ तीन कार्य दिवसों में मंजूरी दे देगा।

लेकिन ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से विदेशी वैक्सीन को अनुमति मिलने के बाद 30 दिनों के अंदर वैक्सीन का 100 लोगों पर ब्रिजिंग क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा। इन लोगों पर 7 दिन तक वैक्सीन के असर की मॉनिटरिंग की जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट तो नहीं है। इसके बाद नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन (एनईजीवीएजी) की सिफारिशों पर सीडीएससीओ यह निर्णय लेगा कि इसे आम लोग पर इस्तेमाल की मंजूरी दी जाए।

विदेशी वैक्सीन निर्माता भारत में अपने अधिकृत एजेंट या फिर इंडियन सब्सिडियरी के माध्यम से आवेदन दे सकेंगे। आवेदन की शर्तें पूरी होने के बाद सीडीएससीओ वैक्सीन की आपात इस्तेमाल के लिए जरूरी अंतिम मंजूरी डीजीसीआई से लेगा। वैक्सीन की मंजूरी ब्रिजिंग ट्रायल प्रोटोकॉल, इंपोर्ट रजिर्स्टेशन सर्टिफिकेट और इंपोर्ट लाइसेंस केसाथ आवेदन के साथ आवेदन करने पर मिलेगी।

विदेशी वैक्सीन को डीजीसीआई की मंजूरी मिलने के बाद 3 दिनों में सीडीएससीओ आवेदके के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। विदेशी वैक्सीन के सभी बैच सेंट्रल ड्रग लैब्रोट्री (सीडीएल) कसौली जारी करेगा। विदेशी वैक्सीन के ब्रिजिंग ट्रायल की रिपोर्ट पहले सीडीएससीओ और फिर आखिरी मंजूरी के लिए डीजीसीआई को सौंपी जाएगी। 

Web Title: Corona's foreign vaccine decided now be approved in 3 days fight against pandemic easy

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