16 से 18 अप्रैल तक संसद में रहिए उपस्थित, कांग्रेस, जदयू और एलजेपी (रामविलास) ने जारी किया व्हिप
By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 13, 2026 14:20 IST2026-04-13T14:12:31+5:302026-04-13T14:20:57+5:30
भाजपा ने भी लोकसभा और राज्यसभा में अपने सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया था।

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नई दिल्लीः कांग्रेस, जनता दल यूनाइटेड और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने लोकसभा और राज्यसभा में अपने सभी सांसदों को 16 से 18 अप्रैल तक सदन में उपस्थित रहने के लिए तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया है। पार्टियों ने अपने सभी सांसदों को आगामी संसदीय सत्र के दौरान सदन में उपस्थित रहने और पार्टी के रुख का समर्थन करने का निर्देश दिया है।
LIVE: Press briefing by Ms @SupriyaShrinate at Congress Office, New Delhi. https://t.co/HgdRIJSOKV
— Congress (@INCIndia) April 13, 2026
Parliament Budget Session | Lok Janshakti Party (Ramvilas) has issued a three-line whip to party MPs to be present in the Lok Sabha from 16 to 18 April.
— ANI (@ANI) April 13, 2026
संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र इसी महीने की 16 तारीख से शुरू होने वाला है, जिसमें महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे पहले, भाजपा ने भी लोकसभा और राज्यसभा में अपने सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया था।
#WATCH | Delhi | On the Women's Reservation Bill, Congress MP Akhilesh Prasad Singh says, “…The Bill has been passed with everyone’s consensus… The Congress party has always raised the issue… The relevant point is of delimitation, which should be discussed… It should have… pic.twitter.com/9OfdXUNf80
— ANI (@ANI) April 13, 2026
कांग्रेस ने अपने लोकसभा सदस्यों को व्हिप जारी कर कहा है कि वे आगामी 16 से 18 अप्रैल तक होने वाली सदन की तीन दिवसीय बैठक के दौरान उपस्थित रहें तथा पार्टी के रुख का समर्थन करें। पार्टी ने अपने लोकसभा सदस्यों के लिए यह व्हिप उस वक्त जारी किया है, जब सरकार संसद के वर्तमान बजट सत्र के तहत हो रही इस तीन दिवसीय बैठक के दौरान महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने से संबंधित संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को लाने की तैयारी में हैं।
#WATCH | Delhi | On the Women's Reservation Bill, BJP Spokesperson Shehzad Poonawala says, “A historic moment is arriving in Parliament between 16-18 April when women will be given their full constitutional right by fast-tracking and removing the delay in the implementation of… pic.twitter.com/YOLOC061nt
— ANI (@ANI) April 13, 2026
#WATCH | Delhi | On Sonia Gandhi’s article raising concerns over delimitation and Women’s Reservation process, BJP Spokesperson Shehzad Poonawala says, “We are in a hurry as women have been waiting for 30 years… Are you not in a hurry, Sonia ji?.. You had an opportunity… After… pic.twitter.com/CBQybn4oKC
— ANI (@ANI) April 13, 2026
कांग्रेस नेता सुप्रिया सुनेत्र ने कहा कि आज से 30 महीने पहले सितंबर, 2023 में मोदी सरकार 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' लेकर आई, जिसमें महिला आरक्षण की बात थी। मगर तब स्थिति ऐसी थी कि सरकार की मंशा साफ़ नहीं हो रही थी। सरकार ने संविधान संशोधन किया और इसमें शर्त डाली गई कि पहले सेंसस होगा, फिर डिलिमिटेशन होगा और इसके बाद महिला आरक्षण लागू होगा।
तब कांग्रेस अध्यक्ष और CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी जी ने कहा था कि महिला आरक्षण को बिना शर्त 2024 में ही लागू होना चाहिए, ताकि महिलाएं चुनकर सदन में आएं। लेकिन 30 महीने बाद नरेंद्र मोदी को जाने क्या हुआ- अब वो अपनी ही मर्जी से बनाया हुआ कानून बदलने जा रहे हैं। आज 'The Hindu' अखबार में CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी जी ने मोदी सरकार के जुमले की कलई खोल दी है।
सोनिया गांधी ने साफ कहा है-
⦿ महिला आरक्षण मुद्दा नहीं है, वो तो सदन में पास हो चुका है
⦿ कांग्रेस ने खुद कहा है कि महिला आरक्षण को बिना जाति जनगणना और डिलिमिटेशन की शर्त के तुरंत लागू कीजिए
⦿ असल मुद्दा 'महिला आरक्षण' का नहीं- 'डिलिमिटेशन' का है। मोदी सरकार महिला आरक्षण के पीछे छिपकर साजिश कर रही है।
आप सभी की याद ताजा करने के लिए बता दें कि जिस नींव पर महिला आरक्षण लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में आएगा, उस नींव को डालने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया था। 73वें, 74वें संविधान संशोधन के चलते पंचायती राज में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने काम कांग्रेस पार्टी ने किया था और इसके सबसे बड़े समर्थक और जनक राजीव गांधी जी थे।
इस फैसले का नतीजा है कि आज 15 लाख से ज्यादा निर्वाचित महिलाएं पंचायती राज में सक्रिय हैं। इनकी कुल संख्या 40% से ज्यादा है। कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने का काम सर्वसम्मति से किया था। इसके लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई थी और लंबे समय तक विचार-विमर्श किया गया था।