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नागरिकता संशोधन कानूनः जामिया मिलिया के छात्र सड़क पर, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, पटेल चौक और जनपथ मेट्रो स्टेशन खोले गए

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 13, 2019 18:12 IST

जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र भी इसमें कूद गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी को अंजाम दिया तो वहीं पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। 

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ठळक मुद्देअलीगढ़ में इंटरनेट सेवाएं गुरुवार रात 12 बजे से शुक्रवार शाम 5 बजे तक बंद कर दी हैं। महापौर मोहम्मद फुरकान की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन के आयोजन के लिए कानून-व्यवस्था की दृष्टि से इजाजत नहीं दी गई है।

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश भर में प्रदर्शन जारी है। दिल्ली मेट्रो ने जानकारी दी है कि दिल्ली पुलिस की सलाह पर पटेल चौक और जनपथ मेट्रो स्टेशन के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए थे। पटेल चौक और जनपथ मेट्रो स्टेशन खोले गए, सभी स्टेशनों पर सामान्य सेवाएं बहाल हुई।

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के मार्च को रोकने के कारण प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प हो गयी। प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय से निकलकर संसद भवन की ओर जाना चाह रहे थे। विश्वविद्यालय के द्वार पर प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के बाद पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई।

छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठियां चलायी। प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। छात्रों ने भी पथराव किया। सोशल मीडिया पर छात्रों ने वीडियो साझा किया है, जिसमें पुलिस प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाते हुई दिखी । पुलिस ने सड़क को घेर दिया तो प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए।

बाद में विश्वविद्यालय के गेट को बंद कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के परामर्श के बाद ऐहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो रेलवे कारपोरेशन(डीएमआरसी) ने पटेल चौक और जनपथ मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया। डीएमआरसी ने ट्वीट किया, “दिल्ली पुलिस की सलाह पर पटेल चौक और जनपथ मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया है। इन स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी।” 

छात्र भी सड़क पर उतर गए हैं। जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र भी इसमें कूद गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी को अंजाम दिया तो वहीं पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। अलीगढ़ जिला प्रशासन ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ महापौर की अगुवाई में आयोजित होने वाले प्रदर्शन की इजाजत देने से मना करते हुए जिले में इंटरनेट सेवाएं गुरुवार रात 12 बजे से शुक्रवार शाम 5 बजे तक बंद कर दी हैं।

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ प्रोटेस्ट मार्च कर रहे जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुआ। जामिया के छात्र यूनिवर्सिटी कैंपस से संसद भवन तक मार्च करने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। जामिया के छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प में दोनों तरफ से पथराव हुआ। इस झड़प में पुलिसकर्मियों के अलावा कई छात्र भी घायल हुए हैं।

जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि सीएए के खिलाफ महापौर मोहम्मद फुरकान की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन के आयोजन के लिए कानून-व्यवस्था की दृष्टि से इजाजत नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि जिले में इंटरनेट सेवाओं को एहतियात के तौर पर गुरुवार रात 12 बजे से आज शाम 5 बजे तक प्रतिबंधित कर दिया गया है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो रेलवे कारपोरेशन(डीएमआरसी) ने पटेल चौक और जनपथ मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया है। डीएमआरसी ने ट्वीट किया, “दिल्ली पुलिस की सलाह पर हमने पटेल चौक और जनपथ मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया है। इन स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी।” इस विवादित कानून के विरोध में जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर से संसद तक मार्च निकाला।

इसबीच, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में टीचर्स एसोसिएशन और छात्रों द्वारा सीएए के खिलाफ प्रदर्शन से पहले परिसर में अभूतपूर्व नाकाबंदी कर दी गयी है। पुलिस उपमहानिरीक्षक परमिंदर सिंह ने कहा है कि पुलिस ने विश्वविद्यालय के बाब—ए—सर सैयद गेट और विश्वविद्यालय सर्किल के बीच बैरीकेडिंग लगा दी हैं। किसी को भी बैरियर पार करने की इजाजत नहीं है। अगर किसी ने ऐसी कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों को जुमे की नमाज के बाद बाब-ए-सर सैयद गेट से विश्वविद्यालय सर्किल तक मार्च निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपना था मगर पुलिस ने सर्किल तक आने वाले तमाम रास्तों को बंद कर दिया है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन ने नागरिकता संशोधन विधेयक पास होने को आजाद भारत के इतिहास का काला दिन बताते हुए बुधवार शाम को अपनी आपातकालीन बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा कि सत्तारूढ़ दल ने संसद में अपनी सदस्य संख्या के बल पर विधेयक पारित करा लिया।

यह आजाद भारत के इतिहस का काला दिन है। शिक्षकों की बैठक में यह भी प्रस्ताव पास हुआ था कि पुलिस ने शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे जिन 520 छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उसे फौरन वापस लिया जाए क्योंकि शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना हर एक नागरिक का अधिकार है। भाषा सं सलीम अर्पणा अर्पणा

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