चंडीगढ़ महापौर चुनाव: कुल 35 सीट, बहुमत के लिए 19, भाजपा के पास 18, कांग्रेस के पास 7 और आप के पास 11?, 29 जनवरी को मेयर और उपमहापौर इलेक्शन
By सतीश कुमार सिंह | Updated: January 23, 2026 11:23 IST2026-01-23T11:20:31+5:302026-01-23T11:23:11+5:30
Chandigarh Mayor Election: चंडीगढ़ नगर निगम में महापौर, वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर के पदों के लिए चुनाव 29 जनवरी को होंगे।

file photo
Chandigarh: आगामी चंडीगढ़ महापौर चुनाव को लेकर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) में टक्कर देखने को मिलेगी। चंडीगढ़ के महापौर चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा, क्योंकि आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार करते हुए चुनाव में अकेले उतरने की घोषणा की। इस चुनाव में तीसरी पार्टी भाजपा है। इससे पहले, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ रही थीं। चंडीगढ़ नगर निगम में महापौर, वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर के पदों के लिए चुनाव 29 जनवरी को होंगे।
चंडीगढ़ महापौर चुनाव 2026ः सीटों की संख्या और डेट-
इलेक्शनः 29 जनवरी
बीजेपीः 18
आपः 11
कांग्रेसः 6 और एक सांस द वोट।
औपचारिक गठबंधन की घोषणा करने से बचते हुए कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया कि आप के साथ बातचीत जारी है। चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लकी ने कहा कि अभी तक आप के साथ कोई औपचारिक गठबंधन नहीं हुआ है, लेकिन भाजपा को रोकने के लिए बातचीत चल रही है। आगामी महापौर चुनाव के लिए रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक निर्धारित है।
‘आप’ के नेता और दिल्ली के विधायक जरनैल सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘आप’ महापौर चुनाव अकेले लड़ेगी। उनके पार्टी सहयोगी अनुराग ढांडा ने कहा कि ‘आप’ का कांग्रेस के साथ कहीं भी कोई गठबंधन नहीं है और न ही कभी हो सकता है।
ढांडा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कांग्रेस ने भाजपा के साथ मिलकर इस देश को लूटा है। देश को लूटने वाली इन दोनों पार्टियों के खिलाफ आम आदमी के संघर्ष की असली आवाज आम आदमी पार्टी की है।’’ आम आदमी पार्टी ने पार्षद योगेश ढिंगरा को महापौर पद के लिए, मुन्नवर खान को वरिष्ठ उप महापौर और जसविंदर कौर को उप महापौर पद के लिए मैदान में उतारा है।
कांग्रेस ने गुरप्रीत सिंह गाबी को महापौर, सचिन गालाव को वरिष्ठ उप महापौर और निर्मला देवी को उप महापौर पद के लिए नामित किया है। भाजपा ने पार्षद सौरभ जोशी को महापौर पद के लिए, जसमनप्रीत सिंह को वरिष्ठ उप महापौर के पद के लिए और सुमन शर्मा को उप महापौर के पद के लिए उम्मीदवार बनाया है।
35 सदस्यीय नगर निगम विधानसभा में सीटों का संतुलन अभी भी नाजुक बना हुआ है। दिसंबर के अंत में आम आदमी पार्टी (AAP) के दो पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा के पास फिलहाल 18 पार्षद सीटें हैं। AAP के पास 11 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास छह हैं। कांग्रेस सांसद के पदेन वोट के साथ संख्या 7 हैं।
अगर दोनों पार्टियां एकजुट हो जाती हैं तो विपक्ष की संख्या संभावित रूप से 18 तक पहुंच सकती है। महापौर पद जीतने के लिए 19 वोटों के साधारण बहुमत की आवश्यकता है। यह मानते हुए कि सभी 36 वोट डाले जाएंगे। इस साल के महापौर चुनाव में प्रक्रिया में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
महापौर, वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर के लिए मतदान गुप्त मतदान के बजाय हाथ उठाकर किया जाएगा, यह कदम पिछले चुनावों में हुए विवादों के बाद अधिक पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बीच, उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, क्योंकि पार्षदों की नाराजगी के डर से भाजपा और विपक्ष दोनों ही अपनी रणनीति गुप्त रखे हुए हैं।