नई दिल्लीः जनगणना 2027 का पहला चरण सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में घरों की सूची बनाने के अभियान के साथ इस वर्ष एक अप्रैल से 30 सितंबर के बीच होगा। बुधवार को जारी एक सरकारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। इस दौरान, प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा 30 दिन की अवधि निर्दिष्ट की गई है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि घरों की सूची बनाने का 30 दिन का अभियान शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों की अवधि में स्व-गणना कराने का विकल्प भी होगा। हर दस वर्षों में होने वाली जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। यह पहले 2021 में होनी थी। जनगणना करने की यह कवायद दो चरणों में संपन्न की जाएगी।
अप्रैल से सितंबर 2026 तक घरों की सूची बनाना और आवास गणना, और फरवरी 2027 में आबादी की गणना। भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, "केंद्र सरकार घोषणा करती है कि भारत की जनगणना 2027 के तहत घरों की सूची बनाने का कार्य एक अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा निर्दिष्ट 30 दिनों की अवधि के दौरान किया जाएगा।’’