उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठी मानुष और मुंबई से विश्वासघात किया, संजय राउत ने कहा-वरना भाजपा की 100 पीढ़ियां भी अपना महापौर नहीं बना पातीं
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 17, 2026 17:28 IST2026-01-17T17:28:02+5:302026-01-17T17:28:49+5:30
भाजपा और शिवसेना ने ठाकरे परिवार के 30 साल के एकछत्र राज पर विराम लगाते हुए बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में 227 में से क्रमश: 89 और 29 सीट जीतीं।

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मुंबईः शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि मराठी मानुष से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विश्वासघात ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए बीएमसी चुनाव जीतने और अपना महापौर नियुक्त करने का रास्ता साफ कर दिया। भाजपा ने आधिकारिक रूप से यह घोषणा की है कि मुंबई का अगला महापौर ‘महायुति’ (भाजपा-शिवसेना गठबंधन) से होगा। राउत ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी की सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) चुनावों में उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी से 10-12 और सीट जीतने की उम्मीद थी।
भाजपा और शिवसेना ने ठाकरे परिवार के 30 साल के एकछत्र राज पर विराम लगाते हुए बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में 227 में से क्रमश: 89 और 29 सीट जीतीं। हालांकि, भाजपा को नगर निकाय चलाने के लिए अपनी सहयोगी शिवसेना की मदद की आवश्यकता होगी। विपक्षी शिवसेना (उबाठा) और मनसे ने क्रमशः 65 और छह सीट जीतीं।
राउत ने कहा कि ठाकरे बंधुओं ने मिलकर 71 सीट जीतीं, जो कि मराठी मानुष के मजबूत समर्थन के कारण मिली एक बड़ी सफलता है। साल 2022 में अविभाजित शिवसेना से विद्रोह करने वाले शिंदे पर तीखा हमला करते हुए राउत ने कहा, ‘‘आपने मराठी मानुष और मुंबई से विश्वासघात किया है। वरना भाजपा की 100 पीढ़ियां भी अपना महापौर नहीं बना पातीं।
मराठी जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी।’’ उन्होंने यह भी कहा कि बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने की कांग्रेस की रणनीति सफल रही। राउत ने कहा, ‘‘हमने चर्चा की थी, और यह (रणनीति) काम कर गई।’’ वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने बीएमसी में 24 सीट पर जीत दर्ज की है।