बिहार: राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही तेजस्वी यादव ने कहा- 'किसी के आगे झुकेंगे नहीं'

By एस पी सिन्हा | Updated: January 25, 2026 17:15 IST2026-01-25T17:14:45+5:302026-01-25T17:15:08+5:30

तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू यादव और उनका विचारधारा आज तक ना झुका है और ना ही झुकने वाला है। उन्होंने कहा कि हम इतना भरोसा देते हैं कि हम लोग किसी के चरण में गिरने वाले नहीं हैं, हम झुकने की जगह मरना पसंद करेंगे। 

Bihar: Upon becoming the national working president, Tejashwi Yadav said, "We will not bow down to anyone." | बिहार: राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही तेजस्वी यादव ने कहा- 'किसी के आगे झुकेंगे नहीं'

बिहार: राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही तेजस्वी यादव ने कहा- 'किसी के आगे झुकेंगे नहीं'

पटना: राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही साफ शब्दों में कहा कि वो किसी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी के खिलाफ बयान दे रहे कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी सख्त चेतावनी देते हुए साफ शब्दों में कहा कि अब पार्टी में ये सब नहीं चलेगा की हमको ये पसंद नहीं है, वो पार्टी में क्यों है? हम सभी को एक साथ एकजुट होकर पार्टी के लिए काम करना होगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू यादव और उनका विचारधारा आज तक ना झुका है और ना ही झुकने वाला है। उन्होंने कहा कि हम इतना भरोसा देते हैं कि हम लोग किसी के चरण में गिरने वाले नहीं हैं, हम झुकने की जगह मरना पसंद करेंगे। 

तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद की असली ताकत एकता है। हम सब लोग मिलकर लड़ेंगे। एकता में ही शक्ति है। आपसी पसंद-नापसंद की राजनीति से सभी का नुकसान होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं से मतभेद भुलाकर एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। साथ ही तेजस्वी यादव का इस दौरान दर्द भी छलका। तेजस्वी ने कहा कि 2015 में उनके चुनाव जीते के बाद उन्हें साजिश के तहत केस में फंसाया गया। जिस वक्त का मामला है तब वो नाबालिग थे, इसके बाद भी उन्हें केस में फंसा दिया गया। इसके साथ ही तेजस्वी ने बड़ा खुलासा भी किया है। 

उन्होंने कहा कि 2022 में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए से गठबंधन तोड़कर महागठबंधन में शामिल हुए तो उन्होंने राबड़ी आवास में कई नेताओं के सामने हाथ-जोड़कर लालू यादव और राबड़ी देवी से माफी मांगी थी और कहा था कि इस बार गलती हो गई आगे से वो ऐसी गलती नहीं करेंगे। तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन की पहली राजनीतिक यात्रा कर्पूरी ठाकुर से आशीर्वाद लेकर शुरू की थी। उस समय उनके पास कोई पद नहीं था लेकिन वो आगे बढ़े। 

तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्ष 2012-13 में साजिश के तहत लालू प्रसाद यादव को जेल भेजा गया। उस कठिन दौर में राबड़ी देवी के नेतृत्व में उन्होंने यात्रा निकालकर पूरे बिहार का दौरा किया। इसके बाद 2014 का लोकसभा चुनाव आया, जिसमें उन्होंने पहली बार प्रचार की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2015 में उन्हें पहली बार चुनाव लड़ने का मौका मिला, जिसमें वे विजयी रहे और राजद के नेतृत्व में सरकार भी बनी। 

उन्होंने 2017 का जिक्र करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव के खिलाफ संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल कर और साजिश के तहत मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा गया। इसके बाद उनके और उनके परिवार के खिलाफ भी झूठे मुकदमों का सिलसिला शुरू हुआ। 

तेजस्वी ने कहा कि नाबालिग रहते हुए भी उन्हें आरोपी बनाया गया और आज तक ये मामले चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज तक केस-मुकदमा-पेशी जारी है। उन्होंने कहा कि संगठनकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव लड़ा और टिकट वितरण को लेकर अलग-अलग विश्लेषण हो सकते हैं, लेकिन इस पर सार्वजनिक बहस की जरूरत नहीं है। 

उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों को कोई परेशानी है, उनसे बैठकर बात की जाएगी और समाधान निकाला जाएगा। तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि बूथ स्तर पर काम करें और संगठन को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, संगठन ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

Web Title: Bihar: Upon becoming the national working president, Tejashwi Yadav said, "We will not bow down to anyone."

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