Bihar: स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद बिगड़ी छात्रों की तबीयत, 70 से ज्यादा बच्चों की हालत खराब
By अंजली चौहान | Updated: February 8, 2026 07:29 IST2026-02-08T07:27:48+5:302026-02-08T07:29:37+5:30
Food Poisoning in Bihar: मधेपुरा के कारू टोला स्थित उन्नत माध्यमिक विद्यालय में दोपहर का भोजन करने के बाद 70 से अधिक छात्र बीमार पड़ गए। खिचड़ी में मरी हुई छिपकली मिलने के बाद बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट होने लगी। सभी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक छात्र को आईसीयू में रखा गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

Bihar: स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद बिगड़ी छात्रों की तबीयत, 70 से ज्यादा बच्चों की हालत खराब
Food Poisoning in Bihar: बिहार के मधेपुरा सदर ब्लॉक के साहूगढ़ के कारू टोला में एक अपग्रेडेड मिडिल स्कूल में 7 फरवरी को मिड-डे खाने से बच्चे बीमार हो गए है। स्कूल में 70 से ज्यादा बच्चे मिड डे मील खाकर अचानक बीमार हो गए जिससे अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चे एक-एक करके बीमार पड़ने लगे। उन्हें उल्टी, पेट दर्द, चक्कर आना, बेचैनी और घबराहट की शिकायत हुई, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही छात्रों के माता-पिता स्कूल में जमा हो गए।
सभी बीमार बच्चों को तुरंत एम्बुलेंस और प्राइवेट गाड़ियों से मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि ज़्यादातर बच्चों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं, हालांकि एक लड़की की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। माता-पिता ने इस मामले की पूरी जांच की मांग करते हुए अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
मधेपुरा के साहुगढ़ कारू टोला उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मध्यान भोजन में गिरगिट गिरने से दर्जनों बच्चे बीमार सदर अस्पताल पहुँचे। ऊपर वाले की दुआ से सभी बच्चे सुरक्षित हैं। स्वास्थ्य मंत्री @mangalpandeybjp जी, ऐसी लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा?#Madhepura#MidDayMealpic.twitter.com/w9QrsIZb6h
— Apna Madhepura (@ApnaMadhepura) February 7, 2026
शुरुआती जानकारी के अनुसार, खाने में छिपकली गिर गई थी, जिसे कथित तौर पर मिड-डे मील योजना से जुड़े एक NGO द्वारा सप्लाई किया गया था। अधिकारियों ने अभी तक कारण की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच के तहत खाने के सैंपल की जांच की जाएगी। घटना की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) संजय कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पूरी जांच शुरू कर दी गई है।
DEO ने कहा, "अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित NGO और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
इस घटना से माता-पिता में व्यापक गुस्सा है, जिन्होंने अधिकारियों पर खराब निगरानी और लापरवाही का आरोप लगाया है। मिड-डे मील कार्यक्रम की क्वालिटी कंट्रोल, साफ-सफाई के मानकों और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि किसी भी चूक को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।