पटना: बिहार में मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जाने के लिए बनाये गये कड़े नियम के चलते कई अनपढ फरियादी अपनी फरियाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक नही पहुंचा पा रहे हैं. दरअसल, कोराना के कहर को देखते हुए जनता दरबार में जाने के लिए पहले से पंजीकरण कराने का नियम है. हालांकि कई अनपढ व गरीब फतियादी इस प्रक्रिया को पालन नही कर पा रहे हैं. इसके चलते उनकी सही फरियाद मुख्यमंत्री तक नही पहुंच पा रही है.
कैमूर से पहुंची महिला नहीं मिल सकी नीतीश कुमार से
पंजीकरण के नियम से अनजान एक फरियादी बुजुर्ग महिला सोमवार को कैमूर जिले से आई थी. महिला की फरियाद थी कि दबंगों ने उसकी नींबू, सब्जी, खस्सी (बकरा) और भैंस चुरा ली है. कई जगह इसकी शिकायत की लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया, इसलिए वह सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत करने पहुंची हैं.
हालांकि रजिस्ट्रेशन नहीं होने की वजह से उसे जनता दरबार में नहीं जाने दिया गया. वह निराश होकर लौट गई. ऐसे कई फरियादी अपनी फरियाद अपने मन में ही दबाये वापस लौटने को मजबूर हुए.
नीतीश कुमार के पास पहुंची शराब की शिकायत
जनता दरबार में कई फरियादी ऐसे भी आये जिन्होंने शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद उनके गांव में शराब बिकने की बात बताकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अचंभे में डाल दिया.
फरियादियों ने यह भी कहा कि उनके परिवार के लोग शराब पीते हैं. यही नही किसी का जमीन शराब पिलाकर फर्जी तरीके से लिखाव लिया जाता है.
महिला दुष्कर्म की शिकायत लेकर पहुंची
एक महिला फरियादी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके पति पंजाब में रहते हैं. उन्होंने गेहूं का पटवन कराने कहा. जिसके बाद वह पटवन करने वाले के यहां गई. यहां पहुंचने के बाद पटवन करने वाले के बेटे ने उसे गेट पर खडा रहने को कहा और बाद में अंदर खींच लिया.
फरियादी ने बताया कि उसके साथ वहां पर दुष्कर्म किया गया. उसने उसके साथ दुष्कर्म किया और वीडियो भी बना लिया. उस दिन से धमकी देने लगा. शादी नहीं करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा. पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उसके बाद भी उसे सताने का सिलसिला जारी रहा.
श्मशान घाट पर असामजिक लोगों ने कब्जे की शिकायत
वहीं, एक व्यक्ति की शिकायत रही कि उनके गांव में श्मशान घाट पर कुछ असामजिक लोगों ने कब्जा जमा लिया है. जब भी कोई शव जलाने जाता है तो असामाजिक तत्व शव पर गोली चला देते हैं. वहीं जनता दरबार में कई ऐसे लोग रहे जिन्होंने राज्य कर्मियों के भ्रष्टाचार की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया. वहीँ कुछ महिलाएं ऐसी रही जिन्होंने ससुराल में प्रताड़ित किए जाने का मामला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने रखा.