लाइव न्यूज़ :

आईएएस अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता पिछले दस महीने से हैं लापता, बिहार सरकार ने किया निलंबित, जानिए क्या है पूरा मामला

By एस पी सिन्हा | Updated: December 29, 2021 20:02 IST

जितेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी का विवाद अदालत पहुंच गया था. पटना हाईकोर्ट ने निगरानी ब्यूरो की प्राथमिकी को ही रद्द कर दिया था.

Open in App
ठळक मुद्देबिहार के डर से उनका समायोजन नागालैंड कैडर में कर दिया गया.15 दिसंबर 2020 को डॉ जितेंद्र गुप्ता नागालैंड कैडर के अधिकारी बन गए.डॉ जितेंद्र गुप्ता ने नागालैंड सरकार में योगदान नहीं दिया है.

पटनाः बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता का पिछले 10 महीने से कोई अता पता नहीं है. सरकार को जब इसकी जानकारी मिली तो उसने सर्विस रोड का उल्लंघन बताते हुए इस मामले में आईएएस अधिकारी को निलंबित कर दिया है.

वह घूसखोरी के आरोप में पकडे़ गये थे. तब वह सुर्खियों में थे. लेकिन अब 10 महीने से गायब चल रहे अधिकारी डॉ. गुप्ता का अभी कोई अतापता नहीं चल पा रहा है. ऐसे में 2013 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता की चर्चा खूब रही है. डॉ. गुप्ता को 1 नवंबर 2021 के प्रभाव से निलंबित किया गया है.

निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय आयुक्त पटना प्रमंडल में रखा गया है. जितेंद्र गुप्ता को 5 साल पहले निगरानी ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था. उस वक्त वह कैमूर जिले के मोहनिया में अनुमंडल पदाधिकारी के पद पर तैनात थे. अवैध वसूली के आरोप के बाद उनके ऊपर निगरानी ने कार्रवाई की थी. उनकी गिरफ्तारी पर विवाद भी हुआ था.

उनके ऊपर आरोप लगा था कि वह ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली कर रहे थे. उनके खिलाफ कार्रवाई की लेकिन जितेंद्र गुप्ता ने अपने को ट्रांसपोर्ट माफिया की तरफ से बुने गए जाल में फंसाने का आरोप लगाया था. बताया जाता है कि जितेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी का विवाद अदालत पहुंच गया था. पटना हाईकोर्ट ने निगरानी ब्यूरो की प्राथमिकी को ही रद्द कर दिया था.

वहीं मामला हाईकोर्ट होते हुए केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से डॉक्टर जितेंद्र गुप्ता के कैडर में ही बदलाव कर दिया गया. केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने उनका कैडर बदल दिया और बिहार के डर से उनका समायोजन नागालैंड कैडर में कर दिया गया.

15 दिसंबर 2020 को डॉ जितेंद्र गुप्ता नागालैंड कैडर के अधिकारी बन गए. नये आदेश के तहत बिहार कैडर से उनका तबादला नागालैंड कैडर में कर दिया. प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग भारत सरकार की तरफ से इस साल 8 अक्टूबर को यह जानकारी दी गई कि डॉ जितेंद्र गुप्ता ने नागालैंड सरकार में योगदान नहीं दिया है.

डॉ जितेंद्र गुप्ता पिछले 10 महीने से बिना किसी जानकारी के ड्यूटी से गैरहाजिर पाए गए. इसके बाद अब उनके खिलाफ राज्य सरकार ने सेवा नियमावली के तहत कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया है. डॉ. जितेंद्र गुप्ता पिछले 10 महीने से बिना किसी जानकारी के अपनी ड्यूटी से गायब पाए गए है. इसके बाद अब उनके खिलाफ राज्य सरकार ने सेवा नियमावली के तहत कार्रवाई की है और निलंबन का आदेश जारी किया है. निलंबन की अवधि में जितेंद्र गुप्ता का मुख्यालय आयुक्त पटना प्रमंडल में रखा गया है.

टॅग्स :बिहारनागालैंडकोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

क्राइम अलर्टMotihari News: बिहार पुलिस ने मदरसे में की छापेमारी, पीएफआई से सांठगांठ का संदेह

भारतबिहार से दिल्ली तक की नई पारी, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, पूरी डिटेल यहां

क्राइम अलर्टबिहार में बेखौफ अपराधियों ने बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव के समधी के घर पर चलाई गोली, तीन लोगों को लगी गोली

भारत अधिक खबरें

भारत'वे बंगाल को खत्म करना चाहते हैं': ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, चुनावों से पहले किसानों के लिए अलग से बजट का वादा किया

भारतIST की जगह 'महाकाल मानक समय'? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गणना ढांचे पर पुनर्विचार का दिया प्रस्ताव

भारतये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है..., राघव चड्ढा ने AAP के खिलाफ किया नया वीडियो जारी

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे