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बिहार: लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

By एस पी सिन्हा | Updated: January 4, 2019 17:50 IST

उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से लालू यादव बीमार चल रहे हैं. पिछले साल उन्‍हें इलाज के लिए एम्‍स भी भेजा गया था. वहीं अभी लालू यादव बीमारी की वजह से राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्‍थान (रिम्‍स) में भर्ती हैं.

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रांची हाई कोर्ट में आज राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है. सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है. मामले में फैसला सुनाने की तारीख मुकर्रर नहीं की गई है. लालू की तरफ से वकील कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा. उन्‍होंने उम्र और मेडिकल ग्राउंड पर लालू प्रसाद यादव को जमानत देने की बात कही. सुनवाई के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कपिल सिब्‍बल ने यह जानकारी दी. इससे पहले लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई पिछले दो तारीखों से टल रही थी. मामले में पिछले तिथि की सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने लालू प्रसाद यादव की ओर से पक्ष रखा था. सुनवाई के दौरान सीबीआई के द्वारा कोर्ट से मेरिट के आधार पर बहस के लिए समय मांगा गया था.

कोर्ट ने समय देते हुए 4 जनवरी की तिथि निर्धारित की थी. यहां बता दें कि लालू प्रसाद यादव को सीबीआई की विशेष अदालत से देवघर, दुमका और चाईबासा मामले में सजा हुई है. इन्हीं मामले को लेकर लालू प्रसाद यादव ने हस्ताक्षेप जमानत याचिका दायर की है. उन्होंने याचिका के माध्यम से कोर्ट को बताया है कि वह कई बीमारियों से ग्रसित हैं. जिनका इलाज व बाहर रहकर कराना चाहते हैं. पिछले 1 साल से वह जेल में बंद हैं, साथ ही जमानत की सभी शर्तों को वह मानेंगे. राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव करोडों रुपये के चारा घोटाला मामलों में दोषी ठहराये जाने के बाद दिसंबर 2017 से रांची जेल में बंद हैं. 

उल्लेखनीय है कि पिछले कई दिनों से लालू यादव बीमार चल रहे हैं. पिछले साल उन्‍हें इलाज के लिए एम्‍स भी भेजा गया था. वहीं अभी लालू यादव बीमारी की वजह से राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्‍थान (रिम्‍स) में भर्ती हैं. वहीं रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती लालू प्रसाद यादव को सुरक्षा कारणों से दूसरे या तीसरे तल पर शिफ्ट करने को लेकर डॉक्टर परेशान हैं. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी जिम्मेदारी लालू प्रसाद यादव का बेहतर इलाज कराना है. जबकि सुरक्षा की जिम्मेदारी जेल प्रशासन की है. जेल प्रशासन उन्हें जहां भी रखेगा, वहीं उनका इलाज किया जायेगा.

यह गंभीर मामला है, इसलिए हर बिंदु की बारीकी से समीक्षा करने के बाद ही प्रबंधन को जवाब दिया जायेगा कि लालू प्रसाद यादव को दूसरे तल पर शिफ्ट किया जाये या नहीं. जहां तक ऊपरी तल्ले में शिफ्ट किये जाने की बात है, तो लालू प्रसाद यादव हार्ट के मरीज हैं. अगर कोई मेडिकल इमरजेंसी हुई, तो उन्हें नीचे लाने में लिफ्ट का उपयोग करना पडेगा. इस दौरान अगर लिफ्ट नहीं चली या कोई दूसरी परेशानी हुई, तो उन्हें मेडिकल आइसीयू या फिर कार्डियेक आइसीयू में लाने में परेशानी होगी.

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