Bihar assembly elections 2020 jdu cm nitish kumar reputation challenge repeat previous performance | Bihar Elections 2020: सीएम नीतीश और जदयू की प्रतिष्ठा दांव पर, पिछला प्रदर्शन दोहराने की चुनौती, जानिए सबकुछ
देश जदयू अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि पहले चरण में बिहार के मतदाताओं के रुख से हम उत्साहित हैं. (file photo)

Highlightsइस बार के विधानसभा चुनाव में एनडीए का हिस्सा रही जदयू ने 115 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं.जदयू ने दूसरे चरण की 43 सीटों में से 19 पर नए प्रत्याशियों को उतारा है.दूसरे चरण में 3 नवंबर को मतदान में जदयू के दो मंत्रियों की किस्मत का भी फैसला हो जाएगा.

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के बाद सभी की नजरें दूसरे चरण पर टिकी हुई है. जदयू के हिसाब से देखें तो पार्टी के लिए दूसरा चरण काफी अहम है.

पार्टी के सामने मौजूदा सीटों पर पिछला प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है. 3 नवम्बर को होने वाले मतदान का यह चरण जदयू के लिए एनडीए गठबंधन के तहत सबसे अधिक उम्मीदवार उतारने और अच्छी-खासी संख्या में अपने पास की सीटिंग सीट बचाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है. दल के आला नेता भी इसे स्वीकारते हैं. हालांकि पार्टी का दावा है कि पहले चरण के बाद मतदाताओं के उत्साह से वो निश्चिंत है.

दूसरे चरण के लिए तीन नवंबर को जिन 94 सीटों पर मतदान होना है, उनमें से 43 सीटों पर जदयू के उम्मीदवार है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इन 43 सीटों पर जदयू ने 15 नए प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है. वैसे यह अलग बात है कि नए प्रत्याशियों का राजनीतिक बैकग्राउंड जरूर रहा है. बता दें कि इस बार के विधानसभा चुनाव में एनडीए का हिस्सा रही जदयू ने 115 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं.

पहले चरण में पार्टी ने 35 और दूसरे चरण में सबसे अधिक 43 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. तीसरे चरण में जदयू के 37 प्रत्याशी सियासी समर में उतरे हैं. बाकी बचे दोनों चरणों में जदयू के कई पुराने दिग्गज नेताओं की अगली पीढ़ी मैदान में है. जबकि, कई नए चेहरों पर भी पार्टी ने अपना भरोसा जताया है.

साल 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू का गठबंधन राजद के साथ

साल 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू का गठबंधन राजद के साथ था. 3 नवंबर को 94 सीटों पर मतदान होने जा रहा है. इसमें से 2015 में जदयू ने 30 सीटों पर जीत हासिल की थी. इन सीटों को बचाना जदयू के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. जदयू ने दूसरे चरण की 43 सीटों में से 19 पर नए प्रत्याशियों को उतारा है. दूसरे चरण में 3 नवंबर को मतदान में जदयू के दो मंत्रियों की किस्मत का भी फैसला हो जाएगा.

वहीं, प्रदेश जदयू अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि पहले चरण में बिहार के मतदाताओं के रुख से हम उत्साहित हैं. दूसरा चरण हमारे लिए स्वाभाविक रूप से मजबूती लेकर आएगा. जबकि राष्ट्रीय सचिव रवीन्द्र सिंह ने कहा कि जदयू को दूसरे चरण से उम्मीद अधिक है.

नालंदा जदयू के गढ़ के रूप में जाना जाता रहा है

नालंदा जदयू के गढ़ के रूप में जाना जाता रहा है. यहां भी जदयू ने दो परिवर्तन किए हैं. दूसरे चरण में इस परिवर्तन की परीक्षा होनी है. राजगीर से जदयू ने अपने विधायक रवि ज्योति को इस बार टिकट नहीं दिया. वहां से इस बार हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के पुत्र कौशल किशोर को अपना प्रत्याशी बनाया है.

यह सीट पूर्व में सत्यदेव नारायण आर्य की ही थी. वह भाजपा की टिकट पर यहां से लगातार चुनाव जीतते रहे थे. वहीं हिलसा से जदयू ने नया प्रत्याशी दिया है. कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया को पहली बार चुनाव मैदान में उतारा है. जदयू ने दूसरे चरण में जिन पंद्रह नए प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है उनमें कई महिलाएं भी हैं. 

दूसरे चरण में जदयू के जिन दो मंत्रियों की किस्मत का फैसला होना

दूसरे चरण में जदयू के जिन दो मंत्रियों की किस्मत का फैसला होना है, उनमें नालंदा सीट से श्रवण कुमार जबकि हथुआ से रामसेवक सिंह मैदान में हैं. इसके अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी के पुत्र फराज फातमी, हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के पुत्र कौशल किशोर भी मैदान में हैं.

दूसरे चरण में जदयू के कई बागी भी मैदान में हैं. इनमें बैकुंठपुर से पूर्व विधायक मंजीत सिंह और तरैया से शैलेन्द्र प्रताप प्रमुख हैं. ये दोनों ही सीट भाजपा के कोटे में गई है, जिससे जदयू के दोनों ही नेता निर्दलीय मैदान में कूद पडे़ हैं. इस तरह से दूसरा चरण जदयू के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ है.

Web Title: Bihar assembly elections 2020 jdu cm nitish kumar reputation challenge repeat previous performance

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