लाइव न्यूज़ :

पीएम मोदी के खिलाफ बिच्छू वाले बयान पर बढ़ी शशि थरूर की मुश्किल, अदालत ने जमानती वारंट पर लगाई रोक

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: November 14, 2019 17:45 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बिच्छू वाला बयान देने के मामले में कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर की मुश्किल बढ़ गई है। दिल्ली की एक अदालत ने शशि थरूर के खिलाफ जारी जमानती वारंट पर रोक लगा दी है।

Open in App
ठळक मुद्देप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बिच्छू वाला बयान देने के मामले में कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर की मुश्किल बढ़ गई है। दिल्ली की एक अदालत ने शशि थरूर के खिलाफ जारी जमानती वारंट पर रोक लगा दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बिच्छू वाला बयान देने के मामले में कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर की मुश्किल बढ़ गई है। दिल्ली की एक अदालत ने शशि थरूर के खिलाफ जारी जमानती वारंट पर रोक लगा दी है। शशि थरूर के खिलाफ मानहानि का मामला चल रहा है। 

बता दें कि अदालत ने ‘शिवलिंग पर बिच्छू’ बयान के लिए थरूर के खिलाफ सोमवार (12 नवंबर) को जमानती वारंट जारी किया था। 

दरअसल, पीएम मोदी का जिक्र करते हुए ‘शिवलिंग पर बिच्छू’ संबंधी थरूर बयान को लेकर शशि थरूर आपराधिक मानहानि मामले का सामना कर रहे हैं। इस मामले में अदालत में पेश नहीं होने पर जमानती वारंट जारी किया था।

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट नवीन कुमार कश्यप ने 27 नवम्बर के लिए कांग्रेस नेता के खिलाफ वारंट जारी किया था। अदालत ने यह वारंट थरूर और उनके वकील के अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं होने पर जारी किया था। मजिस्ट्रेट ने शिकायतकर्ता बीजेपी की दिल्ली इकाई के नेता राजीव बब्बर पर भी अदालत के समक्ष पेश नहीं होने के लिए 500 रुपये का जुर्माना लगाया था। 

हालांकि, एक जूनियर वकील ने बब्बर का प्रतिनिधित्व किया। अदालत ने कहा, ‘‘न तो शिकायतकर्ता और न ही उनका मुख्य वकील मौजूद है। शिकायतकर्ता की ओर से छूट दिये जाने का आवेदन दिया गया है, जो अस्पष्ट है। आवेदन में कहा गया है कि वह व्यक्तिगत कठिनाई में है लेकिन क्या ‘कठिनाई’ है, इस बारे में आवेदन में नहीं बताया गया है।’’ 

अदालत ने कहा, ‘‘शिकायतकर्ता के अनुपस्थित रहने की वजह से मौजूदा शिकायत को खारिज करने की जगह नरम रुख अपनाया जा रहा है। उन पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है जिसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), केंद्रीय जिला, तीस हजारी अदालत में जमा कराया जाए।’’ 

अदालत ने थरूर और उनके वकील के भी पेश नहीं होने का जिक्र किया। उसने कहा कि वह ‘‘नरम रुख’’ अपना रही है और आरोपी के खिलाफ जमानती वारंट और उनके जमानतदार को 27 नवम्बर को उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया जाता है। 

अदालत बब्बर द्वारा थरूर के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत पर सुनवाई कर रही थी। बब्बर ने कहा था कि कांग्रेस नेता के बयान से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि के लिए सजा) के तहत शिकायत दर्ज की गई है। 

(पीटीआई-भाषा इनपुट के साथ)

टॅग्स :शशि थरूरनरेंद्र मोदीमोदी सरकारमोदीकांग्रेस
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारत अधिक खबरें

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह